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Samachar Jagat | Monday, 03 Sep 2018 04:46:53 PM
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Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

वायुसेना प्रमुख बी एस धनोआ करेंगे म्यामां, मलेशिया का दौरा

Air Force chief BS Dhanah to visit Myanmar, Malaysia

नयी दिल्ली। वायुसेना प्रमुख बी एस धनोआ सोमवार से म्यामां और मलेशिया का छह दिन का दौरा करेंगे। उनकी यह यात्रा क्षेत्रीय सुरक्षा परिप्रेक्ष्य में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण माने जाने वाले दोनों देशों के साथ भारत के रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित होगी। अधिकारियों ने बताया कि एअर चीफ मार्शल का पहला गंतव्य म्यामां होगा जहां वह द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को गहरा करने के लिए देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों से गहन चर्चा करेंगे। म्यामां का दौरा पूरा करने के बाद धनोआ पांच सितंबर से तीन दिन के मलेशिया दौरे पर रवाना होंगे।

मलेशिया में धनोआ मलेशियाई समकक्ष और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच सहयोग मजबूत करने के तौर तरीकों पर काम करेंगे। वायुसेना के प्रवक्ता भवग कमांडर अनुपम बनर्जी ने कहा कि एअर चीफ मार्शल का दौरा देशों और उनकी वायुसेनाओं के बीच भागीदारी को मजबूत करने में मदद करेगा।

भारत-पाकिस्तान के हालात सुुधरेंगे-सिद्धू

Situation of Indo-Pak situation will be done- Sidhu

अजमेर। पंजाब के कला, पयर्टन एवं संस्कृति मंत्री एवं पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने विश्वास जताया है कि भारत-पाकिस्तान के हालात जल्दी सुधरेंगे। सिद्धू आज अजमेर में एक निजी स्कूल के कार्यक्रम में भाग लेने के अवसर पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने दोनों देशों के सम्बंधों में सुधार आने की बात करते हुए अपने पाकिस्तान जाने को जायज ठहराया। उन्होंने पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ अपने 22 साल पुराने क्रिकेट के सम्बंधों का जिक्र करते हुए कहा मैंने इस व्यक्ति को संघर्ष करते देखा है और दोनों देशों के बीच अमनो अमान और मोहब्बत का पैगाम रिश्तों में सुधार का रास्ता निकालेगा। उन्होंने किसी इंसान की सोच को विचारों से बदलने की बात करते कहा कि पंजाब में सोच से सोच की लड़ाई अभियान चलाया जा रहा है जिसके जरिये आज का युवा सकारात्मक सोच के साथ कई ऊचाईयों को छू सकता है।

स्कूलों में स्वच्छता संबंधी सुविधाओं उपलब्ध कराने में भारत की प्रगति तेज: संरा रिपोर्ट

India fast pace in providing cleanliness facilities in schools: un

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत ने स्कूलों में स्वच्छता संबंधी सुविधाएं बेहतर करने की दिशा में तेजी से प्रगति की है। साथ ही इसमें कहा गया है कि देश में ऐसे स्कूलों की तादाद बहुत तेजी से घटी है जहां स्वच्छता संबंधी सुविधाएं बिलकुल नहीं हैं।

संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के एक नए संयुक्त अध्ययन, 'ड्रिकिग वाटर, सैनिटेशन एंड हाईजीन इन स्कूल्स : 2018 ग्लोबल बेसलाइन रिपोर्ट’ में कहा गया है कि स्कूलों में अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं, सीखने के लिए स्वस्थ माहौल का आधार मुहैया कराती हैं और लड़कियों की मौजूदगी उस वक्त भी ज्यादा होगी जब वह माहवारी से गुजर रही होंगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन/ संयुक्त राष्ट्र बाल निधि के संयुक्त निगरानी कार्यक्रम या जेएमपी ने ये वार्षिक रिपोर्ट तैयार की है जो 1990 से पेयजल, स्वच्छता और सफाई (डब्ल्यूएएसएच) पर वैश्विक प्रगति की निगरानी कर रहा है।

ये सतत विकास के दो लक्ष्यों- लक्ष्य 6 (साफ पानी और स्वच्छता) और लक्ष्य चार (समग्र एवं समान गुणवत्ता की शिक्षा सुनिश्चित करना और सभी के लिए आजीवन सीखने के अवसरों को बढ़ावा देना) को प्राप्त करने की दिशा में की गई प्रगति को रेखांकित करता है। रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष 2030 तक खुले में शौच की प्रवृत्ति खत्म करने के सतत विकास लक्ष्य छह को हासिल करने के उद्देश्य से स्कूल कार्यक्रमों में डब्ल्यूएएसएच शिक्षा, जागरुकता बढ़ाने और व्यवहार में जरूरी बदलाव के लिए अहम राह बनाता है।

इसमें बताया गया कि वर्ष 2000 से 2016 के बीच ऐसे स्कूलों की तादाद बहुत तेजी से घटी है जहां स्वच्छता संबंधी सुविधाएं बिलकुल नहीं थी और यह खुले में शौच करने वाली आबादी के अनुपात से भी ज्यादा तेजी से घटा है। इस चलन को देखते हुए जेएमपी ने अनुमान जताया कि भारत के लगभग सभी स्कूलों में स्वच्छता संबंधी किसी न किसी तरह की सुविधा जरूर है जबकि दस साल पहले आधे से ज्यादा स्कूलों में कोई स्वच्छता सुविधा नहीं होने की रिपोर्ट थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत के हालिया सर्वेक्षण में मासिक धर्म से जुड़े स्वच्छता इंतजामों की उपलब्धतता पर सूचना जुटाई गई।

सैनिटरी वस्तुओं के निस्तारण के लिए ढक्कन वाले कूड़ेदान रखने वाले स्कूलों का अनुपात राज्यों के हिसाब से अलग-अलग पाया गया जिसमें चंडीगढ़ के 98 प्रतिशत स्कूलों से लेकर छत्तीसगढ़ के 36 प्रतिशत स्कूल शामिल थे। मिजोरम एक मात्र ऐसा राज्य है जहां 50 फीसदी से ज्यादा स्कूलों में सैनिटरी कूड़े के निस्तारण के लिए मशीनें लगी हुई थीं। 

पाक पर आतंकवादी समूहों को निशाना बनाने के लिए लगातार दबाव बना रहा है अमेरिका

United States is constantly pressurizing Pakistan to target terrorist groups

वाशिंगटन। पेंटागन ने रविवार को कहा कि अमेरिका पाकिस्तान पर हक्कानी नेटवर्क समेत सभी आतंकवादी समूहों को 'बिना भेदभाव’ के निशाना बनाने को लेकर लगातार दबाव जारी रखे हुए है। पेंटागन ने दावा किया कि हालिया खबरों से गठबंधन सहायता निधि (सीएसएफ) का विरूपित ब्योरा सामने आया है। यह टिप्पणी उन खबरों के बीच आई है जिनमें कहा गया है कि आतंकवादी समूहों से निपटने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाने के चलते अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 30 करोड़ डॉलर की सैन्य सहायता रोक दी है। पेंटागन के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल कोन फॉकनर ने कहा कि दुर्भाग्यवश, हालिया खबरों से गठबंधन सहायता निधि (सीएसएफ) के संदर्भ में विरूपित जानकारी सामने आई है।

पाकिस्तान को सुरक्षा सहायता रोकने की घोषणा जनवरी 2018 में की गई थी। उन्होंने कहा कि गठबंधन सहायता निधि भी उस रोक का हिस्सा है और वह अब भी बरकरार है। यह कोई नया फैसला या नई घोषणा नहीं है बल्कि जुलाई में किए गए उस आग्रह की अभिस्वीकृति है जिसमें समय सीमा समाप्त होने से पहले निधि को रीप्रोग्राम करने को कहा गया था।

फॉकनर ने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा पर खतरा पैदा करने वाले सभी आतंकवादी समूहों को परास्त करने और अफगानिस्तान के लिए शांतिपूर्ण भविष्य सुनिश्चित करने की साझा प्रतिबद्धता के आधार पर वह जनवरी से लगातार पाकिस्तान के उच्च स्तर के सैन्य अधिकारियों के संपर्क में हैं।

उन्होंने कहा कि हम लश्कर-ए-तैयबा और हक्कानी नेटवर्क समेत सभी आतंकवादी समूहों को बिना भेदभाव के निशाना बनाने के लिए पाकिस्तान पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं और हम पाकिस्तान से तालिबान नेतृत्व को गिरफ्तार करने, बाहर करने या वार्ता की मेज पर लाने के लिए कहते रहेंगे।

फॉकनर ने उल्लेख किया कि 23 मार्च को प्रकाशित 2018 के रक्षा विभाग के डीओडी एप्रोप्रिएशंस एक्ट के अनुसार  कांग्रेस ने 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर की राशि रोक दी थी। दक्षिण एशिया रणनीति के समर्थन में पाकिस्तान की निर्णायक कार्रवाइयों की कमी की वजह से अमेरिकी रक्षा विभाग ने जुलाई 2018 समयसीमा में शेष 30 करोड़ डॉलर की राशि अन्य प्राथमिकताओं के लिए रीप्रोग्राम कर दी। 

शाहरूख के धूम-4 में काम करने की जानकारी नहीं : अभिषेक

Not aware of working in Shah Rukh's Dhoom-4: Abhishek

मुंबई। बॉलीवुड के जूनियर बी अभिषेक बच्चन का कहना है कि उन्हें शाहरूख खान के फिल्म धूम 4 में काम करने की कोई जानकारी नही है। बॉलीवुड फिल्मकार आदित्य चोपड़ा अपनी सुपरहिट फिल्म धूम का चौथा संस्करण बनाने जा रहे हैं। धूम सीरीज की फिल्मों में खलनायक की भी अहम भूमिका रहती है। धूम सीरीज की फिल्मों में जॉन अब्राहम, ऋतिक रौशन और आमिर खान खलनायक की भूमिका निभा चुके हैं। चर्चा हो रही है कि धूम 4 में शाहरूख खलनायक की भूमिका निभाते नजर आ सकते हैं।

अभिषेक शुरू से ही धूम सीरीज का हिस्सा रहे हैं और उम्मीद है कि फिल्म के चौथे पार्ट में भी वह नजर आएंगे। अभिषेक से जब शाहरूख के धूम 4 में काम करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, जब तक आदि (आदित्य चोपड़ा) इस बारे में मुझे नहीं बताते मैं किसी भी तरह की अफवाहों में यकीन करने नहीं वाला हूं।

कलाकार का फिल्म पर नियंत्रण कर लेना फिल्म की हत्या का सबसे खराब तरीका : अपूर्व असरानी

Apoorva Asrani said Controlling the artist's on film is the worst way to kill the film

मुंबई। पटकथा लेखक अपूर्व असरानी ने शनिवार को एक ट्वीट के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से अभिनेत्री कंगना रनौत पर “एक फिल्म को अपने काबू’’ में करने को लेकर निशाना साधा और इस प्रवृत्ति को “फिल्म की हत्या का सबसे बुरा तरीका” माना। किसी का नाम लिए बिना असरानी के ट्वीट में ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म “मणिकर्णिका : झांसी की रानी” पर चल रहे विवाद की ओर इशारा किया गया। इस फिल्म से अभिनेता सोनू सूद ने खुद को अलग कर लिया है। फिल्म “अलीगढ़” की पटकथा लिखने वाले असरानी ने कहा, “किसी कलाकार का फिल्म पर काबू कर लेना और फिल्म से जुड़े सदस्यों की कड़ी मेहनत पर पानी फ़ेर देना फिल्म की खराब ढंग से हत्या कर देना है।

जब प्रभावित फिल्मकार इसको नियंत्रित नहीं कर पाते और इसकी बजाए 'सम्मानजनक चुप्पी’ का मुखौटा ओढ़ लेते हैं तो वे एक अहंकारी राक्षस को हिसात्मक आचरण की इजाजत दे देते हैं और अंतत: फिल्म की हत्या हो जाती है।” शुक्रवार को अभिनेता सोनू सूद ने फिल्म छोड़ने की घोषणा की थी तो कंगना ने कहा था कि उन्होंने फिल्म इसलिए छोड़ी क्योंकि फिल्म के कुछ हिस्सों को दोबारा शूट कर उसकी खामियों को दूर करने के लिए निर्देशन का काम वह कर रही थीं।

अपनी प्रतिक्रिया में सूद ने कहा था कि कंगना भले ही उनकी अच्छी दोस्त हों लेकिन पूरे मुद्दे को पुरुष अहंकार का मामला बना देना “बेतुका” है। असरानी ने पिछले साल कंगना पर उनकी पिछली फिल्म “सिमरन” में अतिरिक्त संवाद एवं कहानी लेखक के तौर पर अपने काम का श्रेय नहीं देने का आरोप लगाया था।

भारतीय श्रृंखला दिखाती है टेस्ट क्रिकेट जिंदा है और आगे बढ़ रहा है: रूट

Joe Root said indian series shows test cricket is alive and is moving forward

साउथम्पटन। इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने चौथे टेस्ट में 60 रन की जीत से पांच मैचों की श्रृंखला में 3-1 की विजयी बढ़त बनाने के बाद कहा कि भारत के खिलाफ मौजूदा श्रृंखला दर्शाती है कि टेस्ट क्रिकेट जिंदा है और आगे बढ़ रहा है। रूट ने कहा कि मुझे लगता है कि यह टेस्ट क्रिकेट के लिए काफी अच्छे संकेत हैं। यह दर्शाता है कि टेस्ट क्रिकेट अब भी जिंदा है और आगे बढ़ रहा है यह खेल का शीर्ष है।

उन्होंने कहा कि भारत को श्रेय जाता है- उन्होंने इस मैच में ही नहीं बल्कि पूरी श्रृंखला में कुछ शानदार क्रिकेट खेला। स्वदेश में लोगों को देखकर खुशी होगी कि पहले और इस मैच में उन्होंने कितनी अच्छी चुनौती दी, कैसे मैच में उतार चढ़ाव आए। रूट ने कहा कि गेंदबाजी में इतने सारे विकल्प होने के कारण उन्हें जीत का भरोसा था।

इंग्लैंड ने दुनिया की नंबर एक टीम भारत को दोनों पारियों में 273 और 184 रन पर आउट करके जीत दर्ज की। उन्होंने कहा, कि मुझे महसूस हुआ कि मेरे पास बेहद अधिक विकल्प हैं और आक्रमण में विविधता भी है। इस मैच में गेंद दोनों ओर स्पिन कराने का विकल्प था, बायें हाथ का कोण और तीन शानदार सीम गेंदबाज जो सभी अलग अलग चीजें कर सकते हैं। इंग्लैंड के कप्तान ने साथ ही कहा कि उनकी टीम 245 रन का लक्ष्य देने के बाद जीत को लेकर आश्वस्त थी।

रूट ने कहा कि जब मैं बल्लेबाजी कर रहा था तो मैंने सोचा कि 190 अच्छा स्कोर रहेगा। लेकिन हम 230-240 रन से अधिक बनाने में सफल रहे जो शानदार प्रयास था और यह काफी मुश्किल लक्ष्य साबित हुआ। उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि बातें हो रही थी कि 275 अच्छा लक्ष्य रहेगा लेकिन मैं आश्वस्त था कि अगर आज की तरह हम अपनी क्षमता के अनुसार गेंदबाजी करते हैं तो हमारे पास जीत दर्ज करने के लिए पर्याप्त रन हैं।

सिर्फ प्रतिस्पर्धा पेश करना पर्याप्त नहीं, नतीजे देने की कला सीखनी होगी: कोहली

Only competing is not enough, learn the art of giving results: Kohli

साउथम्पटन। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा कि उनकी टीम विदेशी दौरों पर सिर्फ प्रतिस्पर्धी बनकर ही संतोष नहीं कर सकती और उसे दबाव की स्थिति में नतीजे देने की कला सीखनी होगी। भारत को चौथे टेस्ट में 60 रन की हार का सामना करना पड़ा जिससे इंग्लैंड ने पांच मैचों की श्रृंखला में 3-1 की विजयी बढ़त बना ली है। इंग्लैंड के 245 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 184 रन ही बना सकी। कोहली ने कहा कि क्रीज पर खड़े होने के दौरान ही स्थिति को समझने की जरूत है, मैच खत्म होने के बाद नहीं। कोहली ने कहा हम स्कोरबोर्ड को देखकर यह नहीं कह सकते कि हम सिर्फ 30 या 50 रन दूर थे। जब हम इस स्थिति से गुजर रहे हों तब हमें इसे समझना होगा, बाद में नहीं। हमें पता है कि हमने अच्छा क्रिकेट खेला लेकिन हम स्वयं को बार-बार यह नहीं कह सकते कि हमने अच्छी प्रतिस्पर्धा पेश की।

उन्होंने कहा जब आप इतने करीब आ जाते हो तो नतीजा देना भी एक कला है, जिसे हमें सीखना होगा। हमारे अंदर क्षमता है, यही कारण है कि हम नतीजे के करीब पहुंच रहे हैं। लेकिन जब दबाव की स्थिति हो तो हमें प्रतिक्रिया देनी होगी और हमें इस पर काम करने की जरूरत है। दक्षिण अफ्रीका की तरह इंग्लैंड दौरे पर भी भारत ने शुरुआती दो टेस्ट गंवाए और फिर तीसरे टेस्ट में जोरदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की। चौथे टेस्ट और श्रृंखला में बल्लेबाजों की नाकामी के बारे में पूछने पर कप्तान ने कहा टेस्ट मैच की पहली पारी में अहम लम्हों की पहचान करना बेहद मुश्किल है। लेकिन आउट होने के बाद मैंने स्वयं सोचा कि अगर उस दिन मैं और लंबे समय तक बल्लेबाजी करता तो हमारी बढ़त और अधिक हो सकती थी।

उन्होंने कहा लेकिन इसके बाद भी हमने सोचा कि अगर कुछ और साझेदारियां होती तो हम अपनी बढ़त में इजाफा कर सकते थे। अंत में पुजारा को तेज बल्लेबाजी करते हुए हमें लगभग 30 रन की बढ़त दिलानी पड़ी। मुझे लगता है कि इसी चीज (साझेदारियों से) से पहली पारी में हमारी बढ़त में इजाफा हो सकता था। कप्तान ने कहा इसके अलावा एक कप्तान के रूप में मुझे नहीं लगता कि किसी पहलू को नकारात्मक मानकर सोचने की जरूरत है क्योंकि हमने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया।

कोहली ने कहा कि उनकी टीम ने कभी हार नहीं मानी और इंग्लैंड को जीत दर्ज करने के लिए पसीना बहाना पड़ा। इंग्लैंड के आफ स्पिनर मोईन अली ने मैच में 134 रन देकर नौ विकेट चटकाए जबकि भारतीय आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन जादू बिखेरने में नाकाम रहे। कोहली ने मोईन की तारीफ की लेकिन साथ ही अश्विन का बचाव भी किया। उन्होंने कहा अश्विन ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया। उसने गेंद को सही जगह पर पिच किया। उसे वह नतीजे नहीं मिले जिसकी हमें उम्मीद थी। हम सभी अच्छा प्रदर्शन करने का प्रयास करते हैं। लेकिन कभी कभी आपको नतीजे नहीं मिलते।

इंडिगो की 10 लाख सीटों की बुकिंग 999 रुपए से शुरू

IndiGo's 10 lakh seats start from Rs 999

मुंबई। अगर आप भी काफी समय से हवाई यात्रा करने की सोच रहे थे लेकिन किराया अधिक होने के कारण आप नहीं जा पा रहे थे तो आपके लिए खुशखबरी है। अब हर आदमी आसमान में उड़ सकता है और अपने सपनों को पूरा कर सकता है वो भी मात्र 999 रुपए में। जी हां देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो ने अपनी 10 लाख सीटों की सेल शुरू की है। इसके तहत टिकट बुकिंग की कीमत 999 रुपए से शुरू होगी। कंपनी ने एक बयान में बताया कि सीमित अवधि के लिए शुरू की गई इस सेल में एक तरफ की यात्रा का किराया 999 रुपए से शुरू होगा। इसमें ग्राहक उसके नेटवर्क में कहीं भी यात्रा कर सकते हैं।

मोबाइल वालेट मोबीक्विक के माध्यम से भुगतान करने वाले ग्राहकों को कंपनी 600 रुपए तक यानी 20% तक का कैशबैक भी देगी। इंडिगो की यह सेल सोमवार यानी तीन सितंबर से शुरू होकर चार दिन यानी छह सितंबर तक चलेगी। इसके तहत यात्री 18 सितंबर 2018 से 30 मार्च 2019 तक यात्रा कर सकते हैं।

कंपनी के मुख्य वाणिज्य अधिकारी विलियम बोल्टर ने कहा, '' हमने चार दिन की त्यौहारी सेल शुरू की है। यह तीन से छह सितंबर तक रहेगी। इसमें ग्राहक हमारे पूरे नेटवर्क पर कहीं भी यात्रा कर सकते हैं। इसमें कीमतें 999 रुपए से शुरू होंगी।’’ इस सेल से कंपनी को कार्यशील पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी। कंपनी ने जुलाई में 12 लाख सीटों की सेल शुरू की थी। इसमें सीटों की पेशकश 1,212 रुपए से शुरू की गई थी।

333 अंक की गिरावट के साथ 38,313 के स्तर पर बंद हुआ सेंसेक्स

Sensex closes 333 points down at 38,313

मुंबई। जब आज सुबह शेयर बाजार खुला तो उसमें उछाल देखा गया, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने ही बढ़त बनाते हुए कारोबार की शुरुआत की लेकिन कारोबार की समाप्ति पर घरेलू शेयर बाजार बढ़त बनाए रखने में नाकामयाब रहा और कारोबार की समाप्ति पर ये औंधे मुंह जा गिरा। गिरावट के इस माहौल में कारोबार की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 332.55 अंक यानि 0.86 प्रतिशत की गिरावट के साथ 38,312.52 के स्तर पर बंद हुआ। 

सेंसेक्स की तरह ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के पचास शेयरों वाले निफ्टी पर भी कारोबार की समाप्ति पर गिरावट हावी रही और ये लाल निशान पर पहुंचकर 98.15 अंक यानि 0.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 11,582.35 के स्तर पर बंद हुआ। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को जब सुबह शेयर बाजार खुला तो उसमें बढ़त देखी गई, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने ही बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की लेकिन कारोबार की समाप्ति पर सेंसेक्स बढ़त को बनाए रखने में नाकामयाब रहा और ये गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।

काराबोर की शुरुआत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ( बीएसई ) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स सेंसेक्स 110.21 अंक यानि 0.28 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 38,800.31 के स्तर पर खुला और काराबोर की समाप्ति पर ये 45.03 अंक यानि 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 38,645.07 के स्तर पर बंद हुआ । वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ( एनएसई ) का पचास शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी भी काराबोर की शुरुआत में  42.15 अंक यानि 0.36 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 11,718.95 के स्तर पर खुला । निफ्टी कारोबार की समाप्ति पर 0.032 अंक यानि 3.70 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 11,680.50 के स्तर पर बंद हुआ । 

 

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