कठुआ, उन्नाव दुष्कर्म केस :  ‘न्याय की लड़ाई’ में साथ आने के लिए राहुल गांधी ने लोगों को धन्यवाद दिया

Samachar Jagat | Friday, 13 Apr 2018 01:57:37 PM
Kathua, Unnao Rape Case: Rahul Gandhi thanked people for coming together in fight for justice

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ रही हिंसक घटनाओं के विरूद्ध उनके साथ खड़े होने वाले ‘ हजारों पुरूषों और महिलाओं ’ को शुक्रवार को धन्यवाद देते हुए कहा कि न्याय के लिए उनकी लड़ाई जाया नहीं होगी। कठुआ और उन्नाव सामूहिक बलात्कार मामलों के विरोध में राहुल ने कल आधी रात को इंडिया गेट पर मार्च निकाला और कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए ‘ बेटी बचाओ ’ पर काम करने का वक्त आ गया है।

राहुल ने ट्वीट किया है, लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन करने और न्याय के लिए लड़ाई में साथ देने के लिए हजारों की संख्या में पुरूष और महिलाएं साथ आईं। उन्होंने लिखा है , ‘ मैं आप सभी को आपके समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं।

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यह जाया नहीं होनी चाहिए। राहुल गांधी कांग्रेस नेताओं , पार्टी कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों ने कल रात केन्द्र , उत्तर प्रदेश और जम्मू - कश्मीर की बीजेपी नीत सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर दोनों घटनाओं के दोषियों को सजा देने की मांग की। इस मौके पर प्रियंका गांधी और उनके पति रॉबर्ट वड्रा भी वहां मौजूद थे।

वहां मौजूद लोगों ने हाथों में जलती हुई मोमबत्ती और तख्तियां पकड़ी हुई थी। जम्मू-कश्मीर के कठुआ में एक बच्ची 10 जनवरी को अपने घर के पास से लापता हो गई थी। उसका शव करीब एक सप्ताह बाद उसी इलाके से मिला था। मामले की जांच करने वाले विशेष जांच दल ने दो एसपीओ और एक हेड कंास्टेबल सहित 8 लोगों को सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर किशोरी द्वारा बलात्कार का आरोप लगाए जाने के बाद शुक्रवार तडक़े उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। किशोरी के साथ विधायक ने 4 जून , 2017 को अपने आवास पर कथित रूप से बलात्कार किया। किशोरी वहां रिश्तेदार के लिए नौकरी मांगने गयी थी।

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इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने पीडि़ता के पिता के खिलाफ इस वर्ष 3 अप्रैल को हथियार कानून में मामला दर्ज किया और 5 अप्रैल को न्यायिक हिरासत में उन्हें जेल भेज दिया गया था।

इन सभी घटनाओं और शक्तिशाली लोगों द्वारा दबाए जाने के आरोप लगाते हुए पीडि़ता ने 8 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर आत्मदाह का प्रयास किया। अगले दिन पीडि़ता के पिता की जेल में मौत हो गयी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उनके शरीर पर चोट के निशान हैं। एजेंसी



 

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