चेहरा मिलान की सुविधा 15 सितंबर से

Samachar Jagat | Friday, 24 Aug 2018 12:25:32 PM
Face matching facility from September 15

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भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने व्यक्ति की पहचान के सत्यापन की एक अतिरिक्त विधि के तहत फोटो का चेहरे से मिलान करने की सुविधा चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की घोषणा की है। यह सुविधा पहले दूर संचार सेवा कंपनियों के साथ 15 सितंबर को शुरू की जा रही है। प्राधिकरण ने इससे पहले चेहरा पहचानने की विधि एक जुलाई से लागू करने की योजना बनाई थी। फिर इसे बढ़ाकर एक अगस्त कर दिया गया था। इसके तहत मोबाइल सिम कार्ड के लिए आवेदन करने के साथ लगाए गए फोटों को संबंधित व्यक्ति के आमने सामने के लिए की जाएगी। 

प्राधिकरण ने अगले महीने के मध्य से इस तय लक्ष्य को पूरा नहीं करने वाली दूर संचार कंपनियों पर मौद्रिक जुर्माना लगाने का भी प्रस्ताव किया है। प्राधिकरण ने कहा है कि दूर संचार कंपनियों के अलावा अन्य सत्यापन एजेंसियों के लिए चेहरा पहचानने की सुविधा के क्रियान्वयन के बारे में निर्देश बाद में जारी किए जाएंगे। 

प्राधिकरण ने इसके लिए कोई समय सीमा नहीं दी है। प्राधिकरण ने कहा है कि ‘लाइव फेस फोटो’ और ई-केवाईसी के दौरान निकाली गई तस्वीर का मिलान उन मामलों में जरूरी होगा, जिनमें मोबाइल सिम जारी करने के आधार का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्राधिकरण ने कहा है कि यह कदम फिंगर प्रिंट में गड़बड़ी की संभावना या उसकी क्लोनिंग रोकने के लिए ही उठाया गया है। इससे मोबाइल सिम जारी करने और उसे एक्टिव करने की आडिट प्रक्रिया और सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा। प्राधिकरण की ओर से जारी एक परिपत्र के अनुसार 15 सितंबर से दूर संचार सेवा कंपनियों को महीने में कम से कम 10 फीसदी सत्यापन चेहरे का लाइव (सीधे) फोटो से मिलान करना जरूरी होगा। इस तरह का सत्यापन इससे कम अनुपात में हुआ तो प्रति सत्यापन 20 पैसे का जुर्माना लगाया जाएगा। 

इस साल जून में हैदराबार के एक मोबाइल सिम कार्ड वितरक ने आधार ब्योरे में गड़बड़ी कर हजारों की संख्या में सिम एक्टिव किए थे। इससे एजेंसियां सतर्क हो गई। प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय भूषण पांडे ने कहा है कि लाइव फेस फोटो को ई-केवाईसी फोटो से मिलाने के निर्देश सिर्फ उन्हीं मामलों में जरूरी होगा जिनमें सिम जारी करने के लिए आधार का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि ई-केवाईसी का दुरूपयोग रोकने के लिए यह कदम उठाया है। आधार की फोटो का मिलान आउटलेट पर तत्काल ली गई तस्वीर से होगा। यहां यह बता दें कि देश भर में 123 करोड़ लोगों के पास है आधार। सत्यापन में देरी पर प्रति सत्यापन 20 पैसा जुर्माना लगेगा।

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