मन के अनुकूल न होना, और अच्छे के लिए होता है

Samachar Jagat | Friday, 07 Jun 2019 03:37:00 PM
Not to be friendly to the mind, and for good

हर व्यक्ति अपने मन के अनुसार करना, पाना और सफल बनना चाहता है। इसके पीछे बहुत बड़ा तर्क यह दिया जाता है कि व्यक्ति का मन सरलता की ओर बढ़ता है, आसानी की तरफ जाता है और इसीलिए वह उसे करना चाहता है। लेकिन जब किसी कारण से वह हो नहीं पाता है, उसमें रूकावट आ जाती है तो व्यक्ति बहुत निराश हो जाता है, अपने को हारा हुआ मान बैठता है और यहां तक कि स्वयं को स्थायी असफल मान बैठता है और यहीं से शुरू हो जाती है व्यक्ति के पतन की कहानी। लेकिन दुनिया में बहुत सारी शख्सियतें ऐसी भी हैं जिन्होंने कभी भी हार नहीं मानी, रूके नहीं, बिके नहीं, झुके नहीं और टूटे नहीं। ऐसी शख्सियतों में से एक थे स्पेन के जूलियो इक्लेयस। 

जैसे ही जूलियो को थोड़ी समझ आई थी, उसका ध्यान फुटबाल की और जाने लगा और यह ध्यान दस वर्ष की उम्र में जूलियो का एक सपना बना गया। उसने फुटबाल को अपना कैरियर बना लिया। दिन-रात फुटबाल पर ही उसका सम्पूर्ण ध्यान रहता। उसने अपने मन में यह संकल्प भर लिया कि वह स्पेन के प्रसिद्ध फुटबाल क्लब रियल मेड्रिड की तरफ से एक दिन अवश्य खेलेगा।

जब जूलियो की उम्र बीस वर्ष में प्रवेश की, उसे रियल मेड्रिड का सदस्य बना लिया गया। अब उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। वह और अधिक मेहनत करने लगा और इसी मेहनत के कारण लोग उसकी बहुत प्रशंसा करने लगे। जूलियो एक दिन अपने मित्र के साथ कार में घूमने जा रहे थे। अचानक उनकी कार का एक्सीडेंट हो गया। जूलियो के शरीर का निचला हिस्सा बुरी तरह घायल हो गया या यौं कहें कि उसका निचला हिस्सा पूरी तरह से पैरालाइज्ड हो गया। वह अस्पताल में मुत्यु और जीवन से संघर्ष करता रहा। लेकिन अपनी हिम्मत को तनिक भी नहीं गिरने दिया। उसे यह अच्छे से मालूम हो गया था कि अब वह अपनी जिंदगी में कभी भी फुटबाल नहीं खेल सकेगा। इसी कारण उसने अपने सपने को बदल दिया। 

अब अस्पताल में गीत और कविताएं लिखने लगा। गीत-कविताएं लिखकर उनको सभी रोगियों को सुनाने लगा, रोगियों में भी जोश और हिम्मत भरने लगा। बीस महीनों के लंबे इलाज के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी मिली लेकिन तब तक वह एक अच्छा सिंगर बन चुका था। घर पर आकर उसने और अधिक मेहनत करना शुरू किया और देखते ही देखते वह दुनिया के महान सिंगरों में शामिल हो गया। उसे दुनिया के दस प्रमुख सिंगरों में शामिल किया गया और उसके तीस करोड़ से अधिक एल्बम बिक चुके हैं। आप भी ऐसा कर सकते हैं।

प्रेरणा बिन्दु:- 
उठ जाओ निज को पहचानो, अपने को कमजोर ना मानो
बढ़ने को तैयार कदम है, हाथ तुम्हारे भी कहां कम हैं
तन की शक्ति अम्बर भेदे, मन की शक्ति उससे कह दे
जो सोचो तुम कर सकते हो, खुद को यह समझा सकते हो।



 

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