धैर्य समस्याओं को ध्वस्त कर देता है

Samachar Jagat | Tuesday, 28 May 2019 03:27:59 PM
Patience destroys problems

बहुत पुरानी कहावत आज भी प्रासांगिक है कि सब्र का फल मीठा होता है। धैर्य सबसे बड़ी ताकत है, धैर्य बड़ी से बड़ी समस्याओं को ध्वस्त कर देता है क्योंकि बहुत सारी समस्याएं तो ऐसी होती हैं जो धैर्य को देखकर कुछ समय इतरा कर, नाचकर और नाटक करके परास्त होकर उल्टे पांव लौट जाती है। धैर्य का मौन से गहरा संबंध है, समझ से गहरा संबंध है और कॉमनसेंस से गहरा संबंध है। अगर इन सबको काम में लिया जाए तो सब कुछ अच्छा ही होता है। इस तथ्य को एक प्राचीन कहानी के माध्यम से समझा जा सकता है। 

महात्मा बुद्ध बोधित्व की प्राप्ति के बाद इसे लोगों को देने के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाते थे, चूंकि उन दिनों वाहन सुविधा नहीं थी, इसलिए दूर-दूर की यात्रा भी पैदल ही करनी पड़ती थी। महात्मा बुद्ध अपने शिष्यों के साथ कहीं जा रहे थे। उस दिन बहुत तेज गर्मी थी। महात्मा बुद्ध को तेज प्यास महसूस हुई। उन्होंने अपने एक शिष्य को कहीं से पानी लाने के लिए भेजा। शिष्य कमंडल लेकर इधर-उधर भटकता रहा लेकिन उसे कहीं पानी दिखाई नहीं दिया। वह कुछ और आगे बढ़ा तो उसे एक नदी दिखाई दी, वह दौडक़र वहां पहुंचा, लेकिन वहां का दृश्य देखकर उसका मन मस्तिष्क ठिठक गया क्योंकि बहुत सारे लोग उस नदी में स्नान कर रहे थे, कपड़े धो रहे थे और इस कारण से नदी का पानी बहुत गंदा हो रहा था।

शिष्य बिना पानी के ही तुरंत लौट गया बुद्ध के पास और गंदे पानी की बात बताई। महात्मा बुद्ध ने बड़े ध्यान से उसकी बात को सुना और कुछ नहीं बोले। एक दूसरे शिष्य को पानी लाने के लिए भेजा। शिष्य जब नदी के किनारे पर पहुंचा तो वहां का दृश्य अब भी वैसा ही था। लोग स्नान और कपड़े धो रहे थे। शिष्य पेड़ की छाया में बैठ गया और लागों के जाने का इंतजार करने लगा। कुछ देर बाद में सभी लोग वहां से चले गए और धीरे-धीरे मिट्टी नीचे जमने लगी। अब उसने पानी लिया और महात्मा बुद्ध के पास पहुंचा पानी लेकर। बुद्ध ने साफ पानी के बारे में पूछा तो शिष्य ने कहा कि मैंने सब्र रखा, धैर्यवान बना रहा, लोगों को वहां से जाने दिया। पानी में मिट्टी, पानी में गंदगी बुराइयों की, समस्याओं की और संकटों की प्रतीक है और ये सब धैर्य रखने से समझ रखने से और कॉमनसेंस से बहुत आसानी से हल हो सकती हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है।

प्रेरणा बिन्दु:- 
सब्र का फल मीठा जय कृष्णा
चखने वाला बढ़ता जय कृष्णा
धीरज ध्यान-ज्ञान से आता
धैर्य जीवन आनंद जय कृष्णा।



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2019 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.