बजट में गांव, किसान, युवा और महिलाओं का विशेष ध्यान

Samachar Jagat | Thursday, 11 Jul 2019 11:48:06 AM
Special focus of village, farmer, youth and women in budget

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को राज्य विधानसभा में वर्ष 2019-20 का परिवर्तित बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि आगामी 5 वर्षों में विकास के लाभ से वंचित रहे समस्त आकांक्षी वर्गों तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह बजट हमारे पांच वर्षीय विजन पर आधारित है। मुख्यमंत्री ने बजट में गांव, किसान, युवा और महिलाओं के कल्याण का विशेष ध्यान रखा है। उनका कहना था कि बजट दस्तावेज प्रदेश की आर्थिक नीतियों का आईना है जिसमें जनता अपनी उम्मीदों और सपनों का प्रतिबिंब देखती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की विषम परिस्थितियां यथा रेगिस्तान, जल की कमी, अनिश्चित मानसून एवं दूरदराज की ढाणियों में बिखरी हुई आबादी हमारे लिए बड़ी चुनौती है। इस वजह से राज्य में सेवाओं की अदायगी की प्रति इकाई लागत अन्य राज्यों की तुलना में काफी अधिक है फिर भी विकास के लाभ से वंचित रहे समस्त आकांक्षी वर्गों तक पहुंचना हमारी प्राथमिकता है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय बजट में जनता को केवल यकीन करवाने का प्रयास किया गया है, तभी कुछ लोगों ने प्रतिक्रिया दी है कि ‘यकीन से आगे बढ़ना है, बहुत कुछ करके ऊंचाइयों पर चढ़ना है। वो हवाओं की ओट में दीपक जलाते हैं, हम तो तूफानों से टकराकर कारवां चलाते हैं।’ मारवाड़ के गांधी के रूप में विख्यात मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि हम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहे हैं। 

ऐसे में राष्ट्रपिता बापू के सिद्धांतों पर अमल करते हुए उनके सपनों को साकार करना ही हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा हमारी सरकार विचार और व्यवहार दोनों में ट्रस्टीशिप, सामाजिक समरसता, कमजोर वर्ग का कल्याण, सुशासन तथा शांति एवं अहिंसा महत्वपूर्ण होंगे। हमारा दृढ् विश्वास है कि हमें सार्वजनिक जीवन में ट्रस्टी के रूप में काम करना चाहिए। गहलोत ने कहा कि बापू की 150वीं जयंती के आयोजनों को चुनावी व्यवस्तताओं के कारण पूरे देश में व्यापक स्तर पर मनाने में कमी रही है। इसलिए इस आयोजन की अवधि एक वर्ष बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। देश में वर्तमान माहौल अशांति व हिंसा का बना हुआ है। इसी संदर्भ में शांति एवं अहिंसा के लिए प्रदेश में एक प्रकोष्ठ का गठन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता को हमसे कितनी उम्मीदें हैं। इसका हमें पूरा ऐहसास है। सार्वजनिक जीवन में श्रेष्ठ आचरण के मापदण्ड कम हो, पर जब भी विचार करता हूं तो मुझे महात्मा गांधी द्वारा बताए सात बिंदु याद आते हैं। सार्वजनिक जीवन के लिए जो ‘सात-पाप’ के रूप में जाने जाते हैं। जो हैं श्रम विहीन संपति, विवेक विहीन भोग विलास, चरित्र विहीन शिक्षा, नैतिकता विहिन व्यापार, मानवीयता विहिन विज्ञान, त्याग विहीन पूजा और सिद्धांत विहीन राजनीति।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधीजी आदर्शों को आत्मसात करते हुए मैं माननीय सदन के समक्ष एक बात रखना चाहता हूं कि हम सभी सेवा के इस जज्बे को राज्य के विकास को एक नई उड़ान देने के लिए समर्पित करें। उड़ान की इस अभिलाषा को मैं यूं अभिव्यक्त करना चाहता हूं- उड़ने के लिए पंख नहीं, जज्बा जरुरी है। विकास के लिए साधन नहीं, हिम्मत और विश्वास भी जरुरी है। मुख्यमंत्री ने अपने पिछले कार्यकाल में जिन योजनाओं और सुविधाओं की घोषणा की थी और उन्हें शुरु कर दिया था, किन्तु भाजपा के शासन में उन्हें बंद कर दिया था। उन्हें फिर से शुरु करने की घोषणा की। इनमें गरीब-निर्धन को नि:शुल्क ईलाज, नि:शुल्क दवा और जांच योजना प्रारंभ की थी, उन्हें पिछली सरकार में इनकी प्राथमिकता नहीं रही थी। 

उन्हें फिर से शुरु करने की घोषणा के साथ उसमें विस्तार करने की घोषणा की। इस योजना में पहले 608 दवाइयां नि:शुल्क दी जा रही थी। उसमें अब किडनी हार्ट एवं कैंसर जैसे गंभीर रोगों की दवाओं सहित 104 प्रकार की नई दवाएं शामिल करने की घोषणा की। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में नि:शुल्क होने वाली जांचों की संख्या 70 से बढ़ाकर 90 किए जाने की घोषणा की। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने राजस्थान वरिष्ठ अधिस्वीकृत पत्रकार पेंशन (सम्मान) योजना को पुन: शुरु करने, पत्रकार, साहित्यकार एवं कलाकार कोष में 2 करोड़ की राशि उपलब्ध कराने, राज्यभर में पत्रकारों, साहित्यकारों एवं लेखकों को स्थानीय निकायों के माध्यम से रिहायशी कॉलोनी में भूखंड आवंटित किया जाएगा। इसी प्रकार वकीलों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सिफारिश के लिए मंत्रियों की उच्च स्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की। 

मुख्यमंत्री ने किसानों, युवाओं, महिलाओं के लिए कई योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने व्यापारियों के लिए व्यापार को सुगम बनाने की तर्ज पर किसानों के लिए खेती सुगम बनाने के लिए एक हजार करोड़ रुपए के ‘कृषक कल्याण कोष’ की स्थापना की घोषणा की। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए ‘जीरो बजट नेचुरल फार्मिग’ को प्रोत्साहित करने की बात कही और बताया कि इस खेती में मूल रूप से पारंपरिक तरीके, कम सिंचाई, एवं प्राकृतिक खाद प्रयोग होता है।

 इस योजना को बांसवाड़ा, टोंक एवं सिरोही जिलों की 36 ग्राम पंचायतों के 20 हजार किसानों को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि हमने अपने पिछले कार्यकाल में कई अहम नीतिगत फैसले लिए थे। एक तरफ प्रदेश में पहली बार हम मेट्रो, रिफाइनरी, मेमूकोच फैक्ट्री एवं रेलवे लाइन से वंचित तीन जिलों बांसवाड़ा, टोंक तथा करौली के लिए महत्वाकांक्षी परियोजनाएं लाए, वहीं दूसरी तरफ हम नि:शुल्क जांच योजना सहित खाद्य सुरक्षा, अजा, जजा, अल्पसंख्यक छात्रों, युवाओं, महिलाओं, वृद्धजन, मजदूर आदि के उत्थान एवं पेंशन योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सफल रहे। यह उसी का परिणाम है कि इस बार पुन: हमें प्रदेश की जनता की सेवा करने का अवसर मिला और आपको विपक्ष में बैठने का। मुख्यमंत्री ने जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने एवं जन घोषणा-पत्र में किए गए वादों को फलीभूत करने की दिशा में कार्यनीति प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट जनता का बजट है। 

जिसमें समाज के विभिन्न वर्गो से चर्चा करके उनकी भावनाओं और बहुमूल्य सुझावों को बजट में शामिल करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा हमारी सरकार सामाजिक न्याय, सर्वधर्म समभाव गरीबी उन्मूलन और समावेशी विकास की प्रबल हिमायती रही है। मुख्यमंत्री ने कृषि के साथ ही सहकारिता, पशुपालन, सार्वजनिक निर्माण की कई योजनाओं के साथ ही सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा नीति लाने, एक लाख नए कृषि कनेक्शन, राजस्थान जल क्षेत्र पुनसंरचना परियोजना, राजस्थान  जल क्षेत्र आजीविका सुधार परियोजना शुरु किए जाने की घोषणा की। मूुख्यमंत्री ने पेयजल योजनाओं के लिए 8 हजार 445 करोड़ रुपए का प्रावधान किए जाने की घोषणा की। 

उन्होंने मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना में 10 करोड़ रुपए तक के ऋण पर ब्याज अनुदान दिए जाने, बुनकरों को एक लाख रुपए तक के ऋण पर ब्याज का पूर्ण भुगतान सरकार द्वारा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण हेतु ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति’ लाने, जयपुर की मेट्रो प्रथम चरण को शीघ्र पूरा कर इस वित्तीय वर्ष के अंत तक वाल सीटों में मेट्रो सेवा शुरू करने की घोषणा की।

मेट्रो ने 2020 के विस्तार हेतु 13 हजार करोड़ की लागत से दूसरे चरण की संशोधित डीपीआर बनाने का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने नई शिक्षा नीति, युवाओं को रोजगार के लिए 75 हजार नई नौकरियां, अल्पसंख्यक समुदाय की बालिकाओं को बेतहर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए अलवर में अल्वसंख्यक बालिका छात्रावास, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 6 हजार से बढ़ाकर 7500 रुपए करने, मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना के अंतर्गत एक लाख युवाओं को एक लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट के माध्यम से राज्य के आगामी 5 वर्षो के समग्र विकास का ताना-बाना बुनते हुए एक मजबूत राजस्थान की ओर अग्रसर होने का लक्ष्य रखा गया है।



 

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