Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी तिथि लगते ही इस समय करें पूजा शुरू, भूलकर भी नहीं करें ये काम

Shivkishore | Wednesday, 24 Jun 2026 01:36:10 PM
Nirjala Ekadashi 2026: Begin the worship as soon as the Nirjala Ekadashi tithi (lunar day) commences; avoid doing these things at all costs.

इंटरनेट डेस्क। निर्जला एकादशी को हिंदू शास्त्रों में सबसे बड़ी एकादशी माना गया है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन भगवान विष्णु की भक्ति, व्रत, जप और पूजा-अर्चना के लिए समर्पित माना जाता है। इसलिए कई लोग इस दिन घरेलू कार्यों को कम करके अधिक समय पूजा-पाठ में बिताने का प्रयास करते हैं। 

कब करें भगवान विष्णु की पूजा?
निर्जला एकादशी की तिथि शुरू होने के बाद भगवान विष्णु की पूजा किसी भी शुभ समय में की जा सकती है, लेकिन ब्रह्म मुहूर्त और सुबह का समय विशेष रूप से शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी तिथि लगते ही भगवान विष्णु का स्मरण, मंत्र जाप और भजन-कीर्तन आरंभ करना लाभकारी माना जाता है। व्रत रखने वाले भक्त सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु को तुलसी दल, पीले फूल और पंचामृत अर्पित कर पूजा करते हैं।

तिथि लगते ही भूलकर भी न करें ये काम
1. तामसिक भोजन का सेवनः एकादशी तिथि शुरू होते ही मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज जैसी चीजों से दूर रहना चाहिए।
2. क्रोध और विवाद से बचेंः इस दिन मन को शांत रखना और किसी से झगड़ा न करना शुभ माना जाता है
3.तुलसी के पत्ते न तोड़ेंः एकादशी पर तुलसी तोड़ने से बचने की सलाह दी जाती है। पूजा के लिए तुलसी दल पहले से तैयार रखें।

pc- jansatta



 


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