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इंटरनेट डेस्क। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने यमुना जल समझौते को लेकर भाजपा सरकार को फिर से निशाने पर लिया हैं। मीडिया रिपोटर्स की माने तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले भी फोटो खिंचवा आए। मंगलवार को भी फोटो खिंचवा आए हैं, लेकिन पानी कब आएगा। मंत्री सुरेश रावत के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि ये कह रहे हैं, पहले एमओयू था, अब एमओए है।
मीडिया रिपोटर्स की माने तो उन्होंने कहा कि पहले ईआरसीपी योजना का नाम था, उसको बदल दिया। इनको नाम पसंद नहीं आया होगा। उसको पीकेसी कर दिया, फिर रामजल सेतु कर दिया। ठीक है नाम बदल दो, लेकिन धरातल पर पानी कब आएगा?
यमुना जल समझौता कैसा समझौता है। पहले हरियाणा अपनी जरूरत का पानी ले लेगा, उसके बाद राजस्थान को मिलेगा, तो ये कोई समझौता नहीं है। समझौता तो ये हो की हमको अपने हिस्से का पानी मिले, और इसकी डेडलाइन तो तय हो कि आखिर कब तक होगा?
pc- danik bhaskar