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8वां वेतन आयोग गठित हो चुका है और इसे अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इसकी रिपोर्ट का सीधा असर करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनरों पर पड़ेगा। यानी लगभग एक करोड़ लोगों की आय संरचना में बदलाव संभव है।
इतने बड़े प्रभाव को देखते हुए सरकार ने आम जनता और कर्मचारियों से सुझाव आमंत्रित किए हैं।
MyGov पोर्टल पर मांगे गए सुझाव
केंद्र सरकार ने MyGov पोर्टल पर 18 सवालों वाला प्रश्नपत्र जारी किया है। कर्मचारी, पेंशनर, कर्मचारी संगठन, न्यायिक अधिकारी और आम नागरिक भी अपनी राय दे सकते हैं।
सुझाव भेजने की अंतिम तारीख 16 मार्च 2026 है। जवाब देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
सैलरी और फिटमेंट फैक्टर पर चर्चा
आयोग ने पूछा है कि क्या 7th Central Pay Commission का ढांचा वर्तमान समय में पर्याप्त है? क्या मौजूदा फिटमेंट फैक्टर महंगाई को सही तरीके से कवर कर रहा है?
न्यूनतम वेतन तय करने का आधार क्या होना चाहिए—परिवार का खर्च, जीवन स्तर या महंगाई दर? इन सवालों पर कर्मचारियों की राय महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
DA और भत्तों की समीक्षा
महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक सैलरी में मर्ज करने पर भी विचार हो रहा है। साथ ही HRA, ट्रांसपोर्ट और मेडिकल भत्तों की पर्याप्तता पर सुझाव मांगे गए हैं। आयोग महंगाई के वास्तविक प्रभाव को वेतन ढांचे में शामिल करने के विकल्प तलाश रहा है।
पेंशन और प्रमोशन सिस्टम
ओल्ड पेंशन स्कीम और NPS पर भी राय मांगी गई है। न्यूनतम पेंशन गारंटी, MACP व्यवस्था और समयबद्ध प्रमोशन जैसे मुद्दे चर्चा में हैं। एरियर की गणना किस आधार पर हो, इस पर भी सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।
आपकी राय क्यों अहम है?
परफॉर्मेंस आधारित वेतन, समान काम के लिए समान वेतन, महिला कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के अधिकार जैसे विषयों पर भी सुझाव मांगे गए हैं।
आपकी भागीदारी भविष्य की सैलरी और पेंशन संरचना तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। 16 मार्च से पहले अपनी राय अवश्य साझा करें।