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खेती की बढ़ती लागत के बीच आय सहायता बढ़ाने की मांग तेज
केंद्रीय बजट 2026 को लेकर इस बार देशभर के किसानों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। सबसे बड़ी चर्चा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत मिलने वाली राशि बढ़ाने को लेकर हो रही है। फिलहाल पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये तीन बराबर किस्तों में दिए जाते हैं। अब उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार इस राशि को बढ़ाकर 8,000 रुपये कर सकती है।
पीएम-किसान योजना से करोड़ों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है, लेकिन किसान संगठनों और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा रकम अब पर्याप्त नहीं रह गई है।
क्यों जरूरी है पीएम किसान राशि बढ़ाना
पीएम-किसान योजना के तहत किसानों को हर चार महीने में 2,000 रुपये मिलते हैं। हालांकि, बीते कुछ वर्षों में खेती की लागत में तेज बढ़ोतरी हुई है।
बीज, खाद और कीटनाशकों के दाम काफी बढ़ चुके हैं। डीजल और बिजली की कीमतों में इजाफा होने से सिंचाई और परिवहन खर्च भी बढ़ गया है। कृषि मशीनरी और उपकरणों की कीमतें भी पहले से अधिक हो चुकी हैं। ऐसे में छोटे और सीमांत किसानों के लिए 6,000 रुपये की सालाना सहायता पूरे साल के खर्च के मुकाबले बहुत कम साबित हो रही है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा सकारात्मक असर
यदि सरकार पीएम-किसान की राशि बढ़ाने का फैसला करती है, तो इसका सीधा फायदा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा। किसानों के पास जब ज्यादा पैसा होगा, तो वे खेती में निवेश बढ़ा सकेंगे और घरेलू जरूरतों पर भी खर्च करेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि इससे बीज, खाद, ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों की मांग बढ़ेगी। साथ ही गांवों के बाजारों में कारोबार तेज होगा। छोटे दुकानदारों और ग्रामीण व्यवसायों को भी इसका लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों की राय
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आय सहायता योजनाओं को समय के अनुसार मजबूत करना जरूरी है। मौसम की अनिश्चितता और फसलों की कीमतों में उतार-चढ़ाव से किसानों की आय प्रभावित होती है। ऐसे में अतिरिक्त 2,000 रुपये की मदद भी उनके लिए बड़ी राहत बन सकती है।
कुछ विशेषज्ञ यह भी सुझाव दे रहे हैं कि पीएम-किसान की राशि को महंगाई और खेती की लागत से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इसकी उपयोगिता बनी रहे।
पीएम-किसान योजना का सफर
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत दिसंबर 2018 में हुई थी। इस योजना के तहत पात्र किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से पैसे भेजे जाते हैं।
अब तक करोड़ों किसान इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। यह योजना दुनिया की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष आय सहायता योजनाओं में से एक बन चुकी है।
Budget 2026 से किसानों की उम्मीदें
किसान संगठनों ने सरकार से मांग की है कि बजट 2026 में पीएम-किसान की राशि बढ़ाने का ऐलान किया जाए। उनका कहना है कि इससे सरकार की किसान हितैषी सोच को मजबूती मिलेगी।
हालांकि अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन यह मुद्दा बजट से पहले चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
निष्कर्ष
Budget 2026 से पहले पीएम-किसान योजना की राशि बढ़ाने को लेकर उम्मीदें तेज हो गई हैं। अगर सरकार इसे 6,000 से बढ़ाकर 8,000 रुपये करती है, तो इससे किसानों को राहत मिलेगी और ग्रामीण मांग को भी बढ़ावा मिलेगा।
अब सबकी नजरें बजट भाषण पर टिकी हैं कि सरकार किसानों के लिए क्या बड़ा फैसला लेती है।