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जनवरी का महीना केवल नए साल की शुरुआत नहीं होता, बल्कि यह अपनी आर्थिक योजनाओं की समीक्षा करने का सबसे सही समय भी माना जाता है। आज के दौर में जब महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ रही है, तब आम लोगों के लिए सरकारी लघु बचत योजनाएं अब भी सबसे भरोसेमंद निवेश विकल्प बनी हुई हैं। जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही के लिए घोषित नई ब्याज दरों ने निवेशकों के बीच एक बार फिर उत्सुकता बढ़ा दी है।
2026 में स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स क्यों हैं अहम
बच्चों की उच्च शिक्षा, रिटायरमेंट और भविष्य की सुरक्षा के लिए वित्तीय योजना बनाना आज किसी चुनौती से कम नहीं है। शेयर बाजार से जुड़े निवेश जहां अधिक रिटर्न का वादा करते हैं, वहीं उनमें जोखिम भी उतना ही अधिक होता है। ऐसे में सुकन्या समृद्धि योजना, पीपीएफ और एनएससी जैसी सरकारी योजनाएं सुरक्षित और स्थिर विकल्प के रूप में सामने आती हैं।
सरकार हर तिमाही ब्याज दरों की समीक्षा करती है ताकि आम नागरिकों को उनकी बचत पर उचित रिटर्न मिल सके। 2026 की पहली तिमाही की दरें यह संकेत देती हैं कि सरकार बचत को बढ़ावा देने और निवेशकों के हितों की रक्षा करने को लेकर गंभीर है।
सुकन्या समृद्धि योजना: बेटियों के भविष्य की मजबूत नींव
सुकन्या समृद्धि योजना सिर्फ एक सेविंग स्कीम नहीं बल्कि बेटियों के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस योजना के तहत माता-पिता बहुत ही कम राशि से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं और समय के साथ एक बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।
इस योजना की खास बात यह है कि इसमें निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहता है और टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है। अक्सर देखा गया है कि सुकन्या समृद्धि योजना का रिटर्न कई फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाओं से बेहतर होता है, जिससे यह लंबे समय के लिए एक आकर्षक विकल्प बन जाती है।
पीपीएफ या सुकन्या समृद्धि: किसे चुनें?
निवेशक अक्सर इस दुविधा में रहते हैं कि पीपीएफ बेहतर है या सुकन्या समृद्धि योजना। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूरी तरह आपके लक्ष्य पर निर्भर करता है। यदि आप रिटायरमेंट के लिए बचत कर रहे हैं, तो पीपीएफ एक मजबूत विकल्प है। वहीं, यदि आपकी प्राथमिकता बेटी की शिक्षा या विवाह है, तो सुकन्या समृद्धि योजना फिलहाल सबसे बेहतर मानी जाती है।
जोखिम से मुक्त निवेश का भरोसा
लघु बचत योजनाओं की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता। शेयर बाजार में गिरावट के समय जहां निवेशक घबरा जाते हैं, वहीं इन योजनाओं में पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है। सरकार की गारंटी होने के कारण निवेशकों को मानसिक शांति मिलती है।
निवेश की शुरुआत का सही समय
अक्सर लोग यह सोचकर निवेश टाल देते हैं कि बड़ी रकम एक साथ जमा करेंगे, लेकिन सच यह है कि छोटी शुरुआत भी बड़े लक्ष्य हासिल करने में मदद कर सकती है। जनवरी–मार्च 2026 की नई ब्याज दरें इस बात का संकेत हैं कि अभी निवेश शुरू करना एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है।
निवेश से पहले ब्याज दरों की तुलना करें, अपनी जरूरतों को समझें और लक्ष्य तय करें। आज लिया गया एक छोटा सा फैसला आने वाले समय में आपके और आपके परिवार के भविष्य को सुरक्षित बना सकता है।