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जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर में करंट से झुलसी मध्य प्रदेश की रहने वाली बालिका को एमएसएस अस्पताल में घंटों इलाज नहीं मिलने पर प्रदेश की भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है।
अशोक गहलोत ने इस संबंध में आज एक्स के माध्यम से कहा कि मंचों से "राष्ट्रीय एकता" और "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली भाजपा सरकार का असली चेहरा जयपुर के एसएमएस अस्पताल की घटना ने उजागर कर दिया है। जयपुर में करंट से झुलसी मध्य प्रदेश की रहने वाली बालिका को एसएमएस अस्पताल में केवल इसलिए घंटों इलाज नहीं मिला क्योंकि उसके पास आयुष्मान कार्ड नहीं था, यह अमानवीयता की पराकाष्ठा है। क्या इलाज की आवश्यकता में भी राज्य देखा जाएगा?
अशाके गहलोत ने इस संबंध में आगे कहा कि हमारी कांग्रेस सरकार ने 'मुख्यमंत्री चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना' इसीलिए लागू की थी ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना में घायल व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी राज्य का निवासी हो, बिना किसी कार्ड या पैसे के 72 घंटे तक पूर्णतः निःशुल्क आपातकालीन इलाज मिल सके।
भाजपा सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को पुनः कार्ड और शर्तों का मोहताज बना दिया
पूर्व सीएम ने कहा कि हमारा स्पष्ट मत था कि 'गोल्डन ऑवर' में डॉक्टर की प्राथमिकता मरीज की जान बचाना होनी चाहिए, न कि कागज जांचना। बेहद दुखद है कि मौजूदा भाजपा सरकार ने इन जनहितैषी योजनाओं को कमजोर कर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को पुनः कार्ड और शर्तों का मोहताज बना दिया है।
मरीज की जान बचाना पहला लक्ष्य हो
अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को नजीर बनाकर तुरंत संज्ञान ले और सुनिश्चित करे कि इमरजेंसी में किसी का भी इलाज कागजों की कमी से न रुके एवं मरीज की जान बचाना पहला लक्ष्य हो।
PC: swarajyamag
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