ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होगा देश : RK Singh

Samachar Jagat | Friday, 05 Aug 2022 04:36:15 PM
The country will be self-sufficient in the field of energy : RK Singh

नई  दिल्ली : केंद्रीय विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने शुक्रवार को कहा कि बढती ऊर्जा जरूरतों और बदलते वैश्विक जलवायु परि­श्य के मद्देनज़र ऊर्जा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2022 लाया गया है जिससे पर्यावरण को लाभ होगा और ऊर्जा के क्षेत्र में देश आत्मनिर्भर बनेगा। श्री सिंह ने लोकसभा में ऊर्जा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2022 को सदन के समक्ष चर्चा और पारित होने के लिए रखते हुए कहा कि पिछले एक दशक में दुनिया में ऊर्जा के क्षेत्र में काफी बदलाव आए हैं। जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण के बढèते से दुनिया परिचित है और इस जलवायु परिवर्तन का मुख्य कारण कार्बन उत्सर्जन है।

इस चुनौतियों से निपटने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के दुनिया के सभी देश प्रतिबद्ध हैं। इसी दिशा में इस संशोधन विधेयक को लाया गया है और इससे पर्यावरण को लाभ होगा क्योंकि कार्बन डाईऑक्साइड का उत्सर्जन कम होगा। उन्होंने कहा कि यह संशोधन गैर-जीवाश्म ईंधन का उपयोग करने से संबंधित है। यह विधेयक देश को आत्मनिर्भर बनाएगा। उन्होंने कहा,'' हम पेट्रोलियम उत्पाद का आयात करते हैं। हम उसके स्थान पर वैकल्पिक ऊर्जा का उपयोग करेंगे तो पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर हमारी निर्भरता कम होगी।’’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस विधेयक से ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिये हरित हाइड्रोजन, हरित अमोनिया, बायोमास और इथेनॉल सहित गैर-जीवाश्म स्रोतों के उपयोग किया जाएगा। बड़ी आवासीय इमारतें 24 प्रतिशत बिजली का उपभोग करती हैं और इस विधेयक में ऐसी इमारतों को अधिक ऊर्जा सक्षम एवं वहनीय बनाने का प्रावधान किया गया है जिसमें कम से कम 100 केवी के कनेक्शन वाली इमारत के लिये नवीकरणीय स्रोत से ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का प्रावधान होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार ने 2030 तक 40 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा से बिजली की पूर्ति करने का लक्ष्य निर्धारित किया था जिसे 2022 में यानी नौ साल में ही पूरा कर लिया गया है। दुनिया के विकसित ने कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए जो संकल्प लिया उसे पूरा नहीं किया जबकि भारत ने इस दिशा में अपने वादे पर खरा उतरा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा,'' हमारे देश में बिजली की माँग बढèी है इसका कारण अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ रही है। बिजली की माँगों को पूरा करने के लिए हरित हाइड्रोजन, हरित अमोनिया, बायोमास को बढ़ावा दिया जा रहा है।’’

विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए भाजपा के जगदंबिका पाल ने कहा कि कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए दुनिया के सामने भारत ने जो संकल्प रखा है उसे पूरा करने की दिशा में यह विधेयक मददगार होगा। श्री पाल ने कहा,'' कार्बन उत्सर्जन के लिए हम ज़म्मिेदार नहीं है। इसके लिए अमेरिका अधिक ज़म्मिेदार है क्योंकि वह 25 प्रतिशत कार्बन का उत्सर्जन करता है जबकि चीन 13 प्रतिशत करता है। भारत ने वर्ष 2070 तक कार्बन उत्सर्जन को शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया और उस दिशा में तेज़ी से काम किए जा रहे हैं।’’ तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा ने विधेयक की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बहुत है। सरकार ने इस विधेयक के माध्यम से वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित किया है लेकिन सोलर पर जिस प्रकार की निर्भरता का विधेयक में ज़क्रि वह पूरी तरह सही नहीं है। कई उद्योग दिन-रात अपना उत्पादन करते हैं उसमें बिजली के लिए सोलर पर निर्भरता उचित नहीं है।



 

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