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जयपुर। आज जब विश्व में चारों तरफ अशांति का वातावरण है। आत्म जागृति के बाद नियमित ध्यान के अभ्यास एवं चित्त शुद्धि से मजबूत औरा बनता है और भीतर एवं बाहर से सुरक्षा मिलती है। अपना आभामंडल जो विचारों से बनता है, वह अगर मजबूत रहा तो वह अपना खुद ही का आसपास का छोटा सा विश्व है। उसे शांत रखकर ही वर्तमान की विपरीत परिस्थिति में भी हम शांत रह सकते हैं। इसी से अशांत विश्व में शांति लायी जा सकती है। यह मत देखो कि अंधेरा कहां तक है, बस खुद का दीया जला लो।
यह उद्गार आज कॉन्स्टिट्यूशन क्लब जयपुर में श्री शिवकृपानंद स्वामी फाउंडेशन की ओर से आयोजित तीन दिवसीय गुरु कृपा कथा के पहले दिन मोहित भाई ने व्यक्त किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा रहे। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य विजय शंकर तिवाड़ी कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि थे।
मोहित भाई ने कहा कि हिमालय ध्यान पद्धति की मदद से आज 72 देशों में लोग इस पद्धति से ध्यान का आनंद ले रहे हैं। यह एक संस्कार है, जो एक पुण्यात्मा ने दूसरी पुण्यात्मा पर किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आत्म जागृति प्राप्त करना एक दुर्लभ प्रक्रिया है। यह घटना एक सिद्ध गुरु के सानिध्य में ही घट सकती है, क्योंकि वह सामने वाले को ग्रहण करने की शुद्ध इच्छा पर निर्भर है।
उन्होंने कहा व्यक्ति सारी सुविधाएं अपने बल पर प्राप्त कर सकता है, परन्तु आत्म सुख गुरु सानिध्य में ही प्राप्त होता है। सुविधा और सुख में अंतर है। सुविधा शरीर को आराम देती है और सुख अंदर से प्राप्त होता है और अंदर जाने के लिए एक सिद्ध गुरु आइने की तरह काम करते हैं।
समर्थ गुरु के सानिध्य का उपयोग करके हम खुद अपनी आत्मा से संपर्क बनाकर अपना जीवन आत्म निर्देश अनुसार शांति से बिता सकते हैं। फिर हमें हमारी आत्मा ही गाइड करने लग जाती है कि हमारे लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा। गुरु कथा में आध्यात्मिक ऊर्जा और ध्यान साधना की बयार बही। मोहित भाई ने गुरु कथा का वाचन किया। हिमालय मेडिटेशन पर लगाई प्रदर्शनी में खासी भीड़ रही और लोगों ने इसे सराहा। गुरु कथा की शुरुआत सभी धर्मों के लोगों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई।
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