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जयपुर। राज्य सरकार ने कार्मिकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सवा दो साल में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। कर्मचारियों को समयबद्ध रूप से नियमित पदोन्नति दी जा रही है तथा ग्रेच्यूटी की सीमा 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए की गई है।
ये बात मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को शासन सचिवालय में राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए कही है। इस दौरान उन्होंने कहा कि आरजीएचएस के तहत महिला एवं पुरुष कार्मिकों को अपने माता-पिता अथवा सास-ससुर में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया गया है।
सीएम ने कहा कि बजट वर्ष 2026-27 में कार्मिकों और पेंशनर्स के हित में कई दूरगामी प्रावधान किए गए हैं। पदोन्नति और वेतनमान से जुड़े विषयों के अध्ययन के लिए उच्च स्तरीय समिति के गठन का निर्णय लिया है, जो भविष्य में आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर भी विचार करेगी। वहीं, अधिकारियों को रूल बेस्ड से रोल बेस्ड कार्यशैली की ओर अग्रसर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि कार्मिकों के कल्याण के लिए अनुकंपा नियुक्ति के दायरे में पुत्रवधू को शामिल, एकल महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव 6 चरणों में स्वीकृति तथा महिला कार्मिकों को कार्यस्थल पर बेहतर एवं तनावमुक्त वातावरण देने के लिए ‘मुख्यमंत्री शिशु-वात्सल्य सदन’ की स्थापना जैसे प्रावधान किए गए हैं।
कार्मिकों को लाभान्वित करने की दृष्टि से 15 और पद सृजित करने की घोषणा की
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि वर्ष 2025 में सचिवालय के कार्मिकों को पदोन्नति के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध करवाने के लिए सहायक शासन सचिव स्तर के 15 नवीन पदों का सृजन किया गया था। इसी क्रम में उन्होंने समयबद्ध पदोन्नति से और अधिक कार्मिकों को लाभान्वित करने की दृष्टि से 15 और पद सृजित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी जिन काडर में पदोन्नति के लिये पूर्व में छूट नहीं मिल पाई, उनके लिये 2 वर्ष की छूट की घोषणा की गई है। इस क्रम में मुख्य सचिव को सचिवालय सहित विभिन्न विभागों के सम्बंध में आवश्यकता निर्धारण कर शीघ्र अवगत कराने के निर्देश दिए।
PC: dipr.rajasthan
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