उमर अब्दुल्ला ने कहा, लोगों को सिखा सकता हूं एकांतवास में रहने का गुर

Samachar Jagat | Thursday, 26 Mar 2020 12:20:08 PM
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जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला अब जेल से बाहर हैं. वे आठ महीने तक हिरासत में रहे. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद हटाए जाने से ठीक पहले उन्हें घर में नजरबंद कर दिया गया था फिर न पर जनसुरक्षा कानून (पीएसए) लगा कर जेल में डाल दिया गया. अब पीएसए के तहत लगाए गए आरोप हटाए जाने के बाद उनकी रिहाई हुई. दस मार्च को पचास साल के हुए अब्दुल्ला ने पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद, 232 दिन हिरासत में गुजारे. नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता को पूर्व में एहतियातन हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में पांच फरवरी को उन पर पीएसए लगा दिया गया था. उनती रिहाई ऐसे समय में हुई जब देश कोरोना वायरस के खतरों से जूझ रहा है. इसलिए रिहाई के बाद उन्होंने पुरमजाक अंदाज में ट्वीट कर कहा कि अगर कोई मुझसे एकांतवास या लॉकडाउन के दौरान रहने के तौर-तरीके के बारे में जानना चाहता है तो मैं उन्हें इसके गुर सिखा सकता हूं क्योंकि मैं महीनों एकांतवास में रहा और मुझे इसका बेहतर तजुर्बा है.

वैसे रिहा होने के बाद उमर अब्दुल्ला मीडिया से मुखातिब हुए. उन्होंने कहा कि आज मुझे पता लगा कि हम लोग जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं. जो भी लोग हिरासत में लिए गए हैं इस वक्त उन्हें छोड़ा जाना चाहिए. हमें कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सरकार के आदेशों का पालन करना चाहिए. उमर अब्दुल्लाल की रिहाई ऐसे वक्त में हुई है, जब कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि या तो उन्हें जल्द रिहा करें या फिर कोर्ट अब्दुल्ला की बहन सारा पायलट की याचिका पर सुनवाई करेगा. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री को हिरासत में रखे जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा था कि अगर आप उमर अब्दुल्ला को रिहा कर रहे हैं तो उन्हें जल्द रिहा कीजिए या फिर हम हिरासत के खिलाफ उनकी बहन की याचिका पर सुनवाई करेंगे.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता को पूर्व में एहतियातन हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में पांच फरवरी को उन पर पीएसए लगा दिया गया था. इससे पहले उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को भी रिहा कर दिया गया. फारूक अब्दुल्ला पर भी सरकार ने पीएसए लगाया था. फिलहाल जम्मू-कश्मीर की एक और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पीएसए के तहत जेल में बंद हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि उनकी रिहाई भी जल्द होगी. लेकिन रिहाई के बाद सियासी रुख क्या होंगे, इसे लेकर फिलहाल दोनों नेताओं ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



 

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