जनरल कैटेगरी के आरक्षण के लिए जाति नहीं,मेरिट जरूरी, Supreme Court ने दिया ये बड़ा फैसला

Hanuman | Tuesday, 06 Jan 2026 02:59:34 PM
For reservations in the general category, merit is necessary, not caste,  the Supreme Court has given this major ruling

इंटरनेट डेस्क। देश के शीर्ष न्यायालय ने जनरल कैटेगरी के आरक्षण पर बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में साफ कर दिया कि जनरल या ओपन कैटेगरी किसी जाति के लिए नहीं, बल्कि मेरिट के लिए होती है।  सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अगर कोई आरक्षित वर्ग का उम्मीदवार बिना किसी छूट के जनरल कट-ऑफ से ज्यादा नंबर लाता है, तो उसे जनरल कैटेगरी की सीट पर ही माना जाएगा। ओपन या जनरल कैटेगरी सभी के लिए खुली होती है, चाहे वह किसी भी जाति या वर्ग का हो।

देश के शीर्ष न्यायालय ने ये भी बोल दिया कि अगर एससी, ओबीसी, एमबीसी या ईडब्ल्यूएस का अभ्यर्थी बिना किसी रियायत के जनरल कैटेगरी के अभ्यर्थी से बेहतर प्रदर्शन करता है तो उसे जनरल सूची में शामिल किया जाएगा, न कि उसकी आरक्षित कैटेगरी में बांधा जाएगा। आरक्षित वर्ग का कोई उम्मीदवार जनरल कट-ऑफ पार कर लेता है, तो उसे बाहर करना गलत है।

खबरों के अनुसार, उच्चतम न्यायालय ने इंद्रा साहनी केस और सौरव यादव केस का हवाला देते फैसला सुनाया कि ओपन कैटेगरी में आने की एक ही शर्त है- मेरिट। यह नहीं देखा जाएगा कि उम्मीदवार किस वर्ग से है। राजस्थान हाईकोर्ट की भर्ती से जुड़े मामले में फैसला आया है।

PC: navbharattimes.indiatimes



 


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