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मनुष्य की जीवन यात्रा उसकी उम्र की लम्बाई से नहीं नापी जाती है, जीवन यात्रा में उपयोग किए जाने वाले साधनों से नहीं तय होती है, जीवन में आने वाले सुख-दु:ख से भी उसका मूल्यांकन नहीं होता है
धर्म के मामले में खूब सारी धाराएं बहती रही हैं। पूर्व जन्माॢजत संस्कारों, पारिवारिक और वंश परंपरा के अनुरूप जीवनयापन तथा स्वभाव, व्यवहार और मौलिकताओं के साथ ही परिवेश से अॢजत ज्ञान, अनुभवों आदि के कारण से हर व्यक्ति अपनी जिन्दगी अपने-अपने हिसाब से जीता है।
बलिदान एवं शौर्य का धनी राजस्थान, वीर प्रसूता इस पावन भूमि ने स्वराज्य सूर्य महाराणा प्रताप, अस्सी घाव सहने वाले महाराणा सांगा, वप्यारावल, पृथ्वीराज चौहान, भामाशाह, पन्नाधाय, दुर्गादास राठौड़, मीरा बाई, हाड़ारानी, पद्मिनी, किरणदेवी जैसे महान वीर-वीरांगाओं को जन्म देकर न केवल राजस्थान को गौरवान्वित किया है बल्कि हिन्दुस्तान को भी गौरव दिया है।
केंद्र सरकार दिवाली से पहले छोटे और मझोले कारोबारियों को बड़ा तोहफा दे सकती है। नई योजना के तहत छोटे और मझोले कारोबारियों को सस्ती ब्याज दर पर ऋण मुहैया कराने की तैयारी है। इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक 2 नवंबर को इस बारे में एक योजना का ऐलान कर सकती है।
एक गांव में पला-बढ़ा और पढ़ा एक युवा शहर में इस उम्मीद से आया कि उसे अच्छी सी कोई सरकारी नौकरी मिल जाएगी। वह बहुत साधारण परिवार से था, उसके पिताजी एक साधारण किसान थे, खूब मेहनत करते थे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय जापान दौरे के लिए रविवार को टोक्यो पहुंच गए हैं। बीते चार वर्षों में जापानी प्रधानमंत्री भशजो एबी के साथ यह उनकी 12वीं मुलाकात है। मोदी के आगमन पर एबी उन्हें अपना सबसे भरोसेमंद दोस्त बताते हुए द्विपक्षीय रिश्तों को नए क्षितिज पर ले जाने का भरोसा जता चुके हैं।
हिंदी की दुर्दशा आहत करने वाली है। इस दुर्दशा के लिये हिन्दी वालों का जितना हाथ है, उतना किसी अन्य का नहीं। अंग्रेजों के राज में यानी दो सौ साल में अंग्रेजी उतनी नहीं बढ़ी, जितनी पिछले सात दशकों में बढ़ी है।
देश में अब कैंसर और हृदय व फेफड़े के गंभीर असंक्रामक रोगों का इलाज जिला अस्पताल में भी हो सकेगा। सरकार देश भर के सरकारी अस्पतालों में निजी भागीदारी से नई सुविधाओं का नेटवर्क खड़ा करने की तैयारी में है।
शक्ति को अपने रोजमर्रा के जीवन में अनेक सलाह-सुझाव मिलते रहते हैं यह एक आम बात है लेकिन यह भी सच बात है कि ऐसे सुझावों को शक्ति व्यक्ति स्वयं के विचारों से ही मिलती है।

ये कैसा लोकतंत्र?

Friday, 26 Oct 2018 02:07:31 PM
चुनाव आयोग हो या सीबीआई या फिर अदालतें सब पर सरकारी हस्तक्षेप की बातें उठ रही हैं, जो किसी भी तरह से देशहित में नहीं कही जा सकती। 

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