नई दिल्ली। सभी बैंक शाखाओं और एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरों की तीन महीनों की फुटेज केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। इन सीसीटीवी फुटेज से पता लगाया जाएगा कि बैंकों में किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि तो नहीं रही। बैंक अब तक 45 दिनों की रिकॉर्डिंग रखते थे। नोटबंदी को देखते हुए इसे बढ़ाकर तीन महीने कर दिया है। यानि अब एक नवंबर से 31 जनवरी 2017 तक फुटेज भेजी जाएगी।
फुटेज रखने की टाइम लिमिट बढ़ाने के चलते बैंकों को अपने कंप्यूटरों की हार्डडिस्क की क्षमता भी बढ़ानी होगी। माना जा रहा है कि प्रति बैंक इसकी लागत 12 हजार रुपए तक आएगी। इसके लिए विशेष स्वीकृति जारी की गई है। अब हर तीन-तीन महीने के फुटेज रिकॉर्ड में रखने होंगे। नोटबंदी के 20-22 दिन बाद शहर में बैंकों और एटीएम पर कतारें लगभग खत्म हो चुकी थीं।
लेकिन दो दिन शनिवार-रविवार को छुट्टी और सोमवार को बारावफात त्योहार भीतरी शहर में तनावपूर्ण हालात के बाद मंगलवार को फिर बैंकों में कतारें लग गईं। नकदी की कमी की वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। आरबीआई से पीएनबी चेस्ट ब्रांच में 20 करोड़ रुपए बैंक ऑफ बड़ौदा में 2 करोड़ रुपए के नए नोट सप्लाई किए गए।