मटके का पानी पीने से नहीं होगी एसिडिटी की समस्या

Samachar Jagat | Tuesday, 17 Apr 2018 10:56:43 AM
Drinking pot of water Will not be Problems of Acidity

इंटरनेट डेस्क। गावों में तो आज भी गर्मी के मौसम में मटके का पानी पिया जाता है लेकिन शहरों में मटके का स्थान फ्रीज ने ले लिया है। भले ही फ्रीज में जल्दी से पानी ठंडा हो जाता है लेकिन इसके कुछ नुकसान भी है। यही कारण है कि गांव के लोगों को फ्रीज का पानी रास नहीं आता और वे मटके का पानी ही पीना पसंद करते हैं। मटके का पानी से जो सबसे बड़ा फायदा होता है वो है इससे टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ना। इसके अलावा और भी कई फायदे है।

मटके का पानी ना तो अधिक ठंडा होता है और ना ही अधिक गर्म। यह सही तापमान पर होता है इसलिए स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। इसमें इम्यूनिटी पावर होती है। मिट्टी के घड़े का लक्षण है कि वो पानी को सोखता है। पानी को सोखने के साथ कई बीमारियों को भी सोख लेता है। यानि की मिट्टी का घड़ा विषैले पदार्थों को भी सोख लेता है।

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साथ ही एसिडिटी को भी दूर करता है। फ्रीज में प्लास्टिक की बोतल में पानी भरकर रखते है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। वहीं प्लास्टिक हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाती है। पानी में भी प्लास्टिक मिल जाती है। इससे पानी में क्षारीय गुण मिल जाते है। मटके का पानी पीने से पाचन क्रिया ठीक रहती है।

पेट की अन्य बीमारियों को भी ठीक करता है। फ्रीज का पानी पीने से कब्ज की शिकायत रहती है। जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या होती है उन्हें फ्रीज के बजाय मटके का पानी पीना चाहिए। वहीं गर्मी में फ्रीज का चिल्ड पानी गले को खराब करता है। गले में ग्रंथियों में सूजन होने लगती है।

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