देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ से 100 लोगों की मौत

Samachar Jagat | Monday, 12 Aug 2019 08:58:38 AM
100 people died due to floods in different parts of the country

नई दिल्ली। देश के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुयी है। बाढ़ और इसके फलस्वरूप हुए भूस्खलन की घटनाओं में पिछले 24 घंटों के दौरान 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है कई अन्य लापता हैं।


बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण कई लाख लोग प्रभावित हुये हैं और उनमें अधिकांश लोगों को राहत शिविरों में विस्थापितों के समान जिंदगी व्यतीत करना पड़ रहा है।

कर्नाटक में बाढ़ के कारण 30 लोगों की मौत हो गई तथा 14 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। केरल में 30 से अधिक लोगों की मौत हो गई तथा वायनाड संसदीय क्षेत्र में भूस्खलन के कारण 40 लोग लापता हैं। लापता लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी करते हैं जो इलाके के दो दिवसीय दौरे पर हैं। 

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक गुजरात में 29 लोगों, महाराष्ट्र में 12, हिमाचल में दो तथा उत्तराखंड में बादल फटने से दो लोगों की मौत हो गई तथा दो अन्य लापता हैं। 

पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ, कर्नाटक के कुछ क्षेत्रों में, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, जम्मू और कश्मीर, पश्चिम राजस्थान, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और तमिलनाडु भारी बारिश से प्रभावित रहे।

मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों में राजस्थान के कुछ स्थानों बाड़मेर, जैसलमेर, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाडा, आदि जिलों में भारी बरसात होने की चेतावनी दीगई। 

कर्नाटक के कम से कम 16 जिलों में मूसलाधार बारिश के बाद जलस्तर बढऩे के बाद नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राज्य में रात दिन बचावकर्मी लोगों की सहायता में जुटे हुए है। 

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस येदियुरप्पा के साथ बेलगावी और बागलकोट जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया। कर्नाटक में कम से कम 16 जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं और लगातार मूसलाधार बारिश के कारण राज्य की लगभग सभी नदियां उफान पर हैं। राज्य के कम से कम 180 गांव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है। 

महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण कर्नाटक में कृष्णा नदी में पानी का बहाव तेज हो गया, जिससे बेलगावी, बागलकोट, विजयपुरा, कोप्पल, कलबुर्गी, रायचूर और कर्नाटक के अन्य जिले बाढ़ से प्रभावित हुआ है। 

कईं केंद्रीय नेता बाढ़ से प्रभावित लोगों की स्थिति का जायजा लेने घटनास्थलों के पास पहुंचे हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित जिलों को दौरा किया और बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार को तत्काल 3800 रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।

इस दौरान कर्नाटक के दक्षिणी इलाके कोडगु और मैसुरु जिलों में कावेरी नदी और उसकी सहायक नदियों के उफान से स्थिति विकराल बनी हुई है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कम से कम 14 गांवों के 120 परिवार के सदस्यों को गंगापुर गांव के पास सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। सारादागी, अवाराडा और हगरागुडी गांव भी जलमग्न हैं। देवल गंगापुर, मन्नूर, तेल्लूर, अवराडा, देसाई, कल्लूर, अफजलपुर तालु, एटागा, अरावल, जेवर्गी तालुक में भनबल और काडाबोर, काडा और चित्रापुर तालुक में कोबल में भीमा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

केरल में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्यपाल पी सदाशिवम केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बातचीत की। राज्यपाल ने बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण हुए नुकसान, राहत अभियानों तथा राज्य में बाढ़ की मौजूदा स्थिति से श्री शाह को अवगत कराया। तथा इस बारे में एक रिपोर्ट केंद्र को शीघ्र ही भेजेंगे। 

सदाशिवम ने शाह को फोन पर राज्य में बाढ़ की मौजूदा स्थिति से अवगत कराते हुए मल्लपुरम और अन्य जिलों में भूस्खलन से प्रभावित राहत अभियानों के लिए और सहायता भेजने की गुहार लगायी है। उन्होंने राज्य प्रशासन, सशस्त्र बलों, तट रक्षक और अन्य एजेंसियों के समन्वित प्रयासों की भी सराहना की है और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बचाव अभियान के बारे में चर्चा की।

गुजरात में कई दिनों से हो रही भारी बारिश का दौर रविवार को भी जारी रहा। राज्य में आज सुबह छह बजे से अपराह्न दो बजे तक 157 तालुक में एक मिलीमीटर (मिमी) से 38 मिमी बारिश दर्ज की गयी। सूरत जिले के ओलपाड में सर्वाधिक 38 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गयी। वडोदरा के डभोई में 24, कच्छ के अबडासा में 23, पंचमहल के जांबूघोडा में 20 मिमी बारिश दर्ज की गयी। पिछले 24 घंटों से आज सुबह छह बजे तक 33 जिलों के 248 तालुका में बारिश हुई और कच्छ के नखत्राणा में सर्वाधिक 321 मिमी बारिश दर्ज की गयी। 

मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में बने तीव्र दबाव के क्षेत्र का असर के मद्देनजर राज्य के कई हिस्सों में आज भी भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। विभाग ने मछुआरों से समुद्र से दूरी बनाये रखने को कहा है।

उल्लेखनीय है कि जून के अंतिम सप्ताह में विलंब से पहुंचे मानसून ने जुलाई में इसकी भरपायी की और अब तक राज्य के लगभग कुल वार्षिक औसत 83.12 प्रतिशत बारिश हो गयी है। भारी वर्षा के मद्देनजर राज्य भर में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 18 तथा राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 16 टीमों को तैनात किया गया है। बारिश के कारण कई नदियां और जलाशय तथा बांध उफान पर हैं और राज्य में लगभग सौ से अधिक मार्ग बंद हो गये हैं। विश्वामित्री नदी का जलस्तर बढ गया है। सुरेन्द्रनगर जिले के ध्रांगध्रा क्षेत्र के वावडी गांव की नदी से छह लोगों के शव बरामद किए गए। अहमदाबाद में ऑटो रिक्शा पर पेड गिरने से ऑटो चालक की मौत हो गयी तथा मोटरसाइकिल सवार एक अन्य घायल हो गया। 

वडोदरा जिले के पादरा क्षेत्र के कल्याण कुई गांव में मकान गिरने से दो लोग घायल हो गये हैं। बारिश और जलभराव के कारण राज्य में हवाई, रेल और सडक़ यातायात भी प्रभावित हुआ है। बंगाल की खाड़ी पर बन रहे कम दबाव के क्षेत्र के कारण मध्यप्रदेश में 13 अगस्त की शाम से फिर बारिश की आशंका व्यक्त की है। 

मौसम विज्ञान भोपाल केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक पी के शाह ने बताया कि 12 अगस्त को बंगाल की खाड़ी पर कम दबाव का एक और क्षेत्र बन रहा है, इससे 13 अगस्त की शाम से मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती है तथा 14 एवं 15 अगस्त को झमाझम बारिश होने का अनुमान है।

शाह ने बताया कि आज प्रदेश के उज्जैन में 3 मिमी, रतलाम एवं धार में 2 मिमी तथा कन्नौद एवं उमरिया में एक एक मिमी वर्षा हुई है। पिछले चौबीस घंटों में भी भाभरा में 30 मिमी, छिंदवाड़ा,  सिंगरौली, करेली, सौसर, गोटेगांव, अमरवाड़ा, मनासा, कन्नौद, आष्टा, नालछा, अलीराजपुर, गंजबासोदा और सैलाना में 10 मिमी वर्षा हुई है।

राजधानी भोपाल में अपरान्ह तक धूप खिली रही। बाद में बादल छाये और शाम को शहर में कहीं कहीं बूंदाबांदी हुई। अगले चौबीस घंटों में राज्य में कहीं-कहीं गरज चमक के साथ हल्की वर्षा हो सकती है। -(एजेंसी)



 


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