नोटबंदी पर विपक्ष का आक्रोश दिवस फूस, नहीं दिखा बंद जैसा कोई असर

Samachar Jagat | Monday, 28 Nov 2016 03:05:12 PM
नोटबंदी पर विपक्ष का आक्रोश दिवस फूस, नहीं दिखा बंद जैसा कोई असर

नई दिल्ली। वैसे तो नोटबंदी पर लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है,लेकिन जनता उसमें भी खुश नजर आ रही है, क्योंकि बात अच्छे दिनों की है। इसलिए विपक्ष द्वारा आज बुलाए गए जनआक्रोश को असर नहीं दिखाई दिया। नोटबंदी के खिलाफ आज विपक्ष ने भारत बंद का आह्वान किया है।

इसका कई राज्यों में अलग-अलग अशर देखने को मिला। हालांकि कई पार्टियों ने इससे पहले ही किनारा कर लिया था। वहीं भारत बंद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सवाल उठाए जाने पर कांग्रेस ने सफाई देते हुए कहा कि उसने ‘भारत बंद’ का आह्वान नहीं किया है लेकिन नोटबंदी के मुद्दे पर पूरे देश में उसका विरोध प्रदर्शन है। विपक्षी दल इसे आक्रोश दिवस के रूप मना रहे हैं। तो आइए एक नजर डालते हैं इसका कहां कितना असर हुआ।

बिहार में नहीं दिखा कोई खास असर
बिहार की राजधानी पटना में बंद का कोई खास असर नहीं देखा गया। पटना  के सभी सरकारी और निजी स्कूल, बैंकों तथा सरकारी दफ्तर खुले हुए हैं। सडक़ों पर भी वाहन रोजाना की तरह दौड़ रहे हैं। हालांकि वामपंथी दलों के समर्थकों ने शहर के प्रमुख डाकबंगला चौराहा से जुलूस निकाला और केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

वहीं कांग्रेस के कार्यकत्र्ताओं ने भी राजधानी पटना में आक्रोश मार्च निकाला तथा डाकबंगला चौराहा पहुंचने के बाद नारेबाजी की। वामदलों के प्रभाव वाले जिलों में नोटबंदी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कार्यकत्र्ताओं ने कुछ स्थानों पर ट्रेन और सडक़ यातायात को बाधित करने का प्रयास किया। दरभंगा से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी-लेनिनवादी) के कार्यकत्र्ताओं ने दरभंगा से पटना जाने वाली कमला- बाद में पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में ले लिया।

राजस्थान में बंद असफल रहा
नोटबंदी को लेकर राजस्थान में आहूत बंद पूरी तरह असफल रहा तथा शहर के सभी बाजार एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान सामान्य तौर पर खुले रहे। राजस्थान की राजधानी जयपुर में सुबह से ही बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले और सडक़ों पर आम दिनों की तरह ही यातायात रहा। सिटी में कहीं पर भी बंद समर्थकों को दुकानें तथा व्यवसाय बंद कराते नहीं देखा गया।

त्रिपुरा
त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के हड़ताल के विरोध के बावजूद केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के विरुद्ध वाम दलों की अगुवाई में यहां हड़ताल का लोगों के जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है। हड़ताल की वजह से रेलवे समेत यातायात व्यवस्था तथा व्यवसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे और त्रिपुरा केंद्रीय यूनिवर्सिटी सहित अधिकतर शैक्षणिक संस्थान बंद रहे।

हड़ताल की वजह से सचिवालय सहित अधिकतर सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हुआ है। हड़ताल की वजह से अगरतला में अस्पताल,बैंको और डाकघरों को कामकाज पर बुरा असर पड़ा है।  वाम दलों ने राज्य में हड़ताल के पक्ष में प्रचार किया है जबकि भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने नोटबंदी के पक्ष में प्रचार किया है।

केरल
केरल में माकपा के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार ने 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है। यह बंद सोमवार सुबह शुरू हुआ।  सुबह छह बजे शुरू हुए बंद के शुरुआती घंटे में कुछ स्थानों पर ऑटोरिक्शा चलती नजर आई जिसके कारण लोगों को कुछ राहत मिली। अधिकांश स्थानों पर केरल राज्य सडक़ परिवहन निगम (केएसआरटीएस) और निजी बसें सडक़ों से दूर रहीं। ट्रेन से कोट्टायम आने वाले सबीरामाला के कुछ तीर्थयात्रियों ने शिकायत की कि बसों के नहीं चलने की वजह से उन्हें अयप्पा मंदिर से जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।

पश्चिम बंगाल में नहीं रहा कोई खास असर
शुरुआत के कुछ घंटों में सामान्य जनजीवन पर खास असर पड़ता नहीं दिखा। सडक़ों पर सरकारी बसें और अन्य निजी वाहन उतरे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी तक कोई बड़ी घटना नहीं हुई है हालांकि जिलों से छिटपुट घटनाओं की खबर है। कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त सुप्रतिम सरकार ने बताया कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निबटने के लिए महानगर में लगभग 3,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

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