असंभव भी संभव बन सकता है, इंदिरा के जीवन से यह सबक लिया जा सकता है: प्रणब मुखर्जी 

Samachar Jagat | Saturday, 19 Nov 2016 09:51:26 PM
असंभव भी संभव बन सकता है, इंदिरा के जीवन से यह सबक लिया जा सकता है: प्रणब मुखर्जी 

नई दिल्ली। साल 1977 के चुनाव में करारी शिकस्त के बाद इंदिरा गांधी की जबर्दस्त वापसी का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज कहा कि उनके जीवन से यह सबक सीखा जा सकता है कि प्रत्येक पराजय को सफलता की बुनियाद के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है।
 
इंदिरा गांधी जन्मशती व्याख्यान देते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा कि यहां तक कि असंभव को भी संभव किया जा सकता है। 

उन्होंने कहा, ''इंदिराजी के जीवन और उनकी विरासत से यह सबक सीखा जा सकता है कि प्रत्येक पराजय हमारी सफलता का बुनियाद बन सकती है। यहां तक कि असंभव भी संभव किया जा सकता है। 

राष्ट्रपति ने कहा, ''महत्वपूर्ण जीत या हार नहीं बल्कि वह प्रयास है जो हम राष्ट्र की सेवा के हमारे लक्ष्यों को हासिल करने के लिए करते हैं। हमें हमारे लोगों के कल्याण के लिए अथक प्रयास करना चाहिए। 

मंच पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं अनेक नेताओं एवं लोगों की मौजूदगी में और श्रोताओं को संबोधित करते हुए प्रणब मुखर्जी ने आपातकाल के बाद 1977 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस एवं इंदिरा गांधी की करारी पराजय का जिक्र किया जिसके बाद 30 वर्ष में पहली बार कांग्रेस को विपक्ष में बैठना पड़ा था। 

उन्होंने पराजय के बाद की ऐसी घटनाओं का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने इंदिरा गांधी जिम्मेदारी स्वीकार की थी जब चुनाव के बाद माहौल उनके लिए बिल्कुल प्रतिकूल था।

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