दरभंगा स्टेशन पर लगाया गया 105 वर्ष पुराना ऐतिहासिक इंजन

Samachar Jagat | Monday, 09 Jul 2018 01:20:38 PM
105-year-old historic engine was installed at Darbhanga station

दरभंगा। इंग्लैंड में 1913 में निर्मित रेल इंजन को दरभंगा रेलवे स्टेशन के सामने लगाया गया और जल्द ही उसका नवीनीकरण किया जाएगा। ऐसा माना जाता है कि एक चीनी मिल में माल ढुलाई के काम के लिए सर्वप्रथम इस भाप इंजन को लाया गया था। छोटी लाइन पर चलने वाला इंजन लोहाट शुगर मिल पर जीर्ण - शीर्ण स्थिति में पड़ा हुआ था। इसका स्वामित्व बिहार गन्ना उद्योग विभाग के पास था। 253 नंबर वाले इस इंजन को स्टेशन परिसर में ले आया गया।

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समस्तीपुर खण्ड के डीआरएम आर के जैन ने बताया , यह इंग्लैंड में निर्मित भाप इंजन है जो एक चीनी मिल पर बहुत जीर्ण स्थिति में पड़ा हुआ था। कुछ विरासत कार्यकर्ताओं के अभियान के बाद हमने बिहार सरकार से इंजन को यहां लाने का आग्रह किया था , जिसने हमें इस बात की इजाजत दे दी। राज्य मंत्रिमंडल ने इस साल मार्च में इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दी थी। आपको बता दें कि सन्‌ 1892 में रुडोल्फ डीज़ल ने आंतरिक दहन इंजन का पेटेंट कराया और इन्हीं के नाम पर इसका नाम डीज़ल इंजन पड़ा, वहीं प्रथम वास्तविक इंजन का निर्माण 1895 ई. में हुआ।

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इस इंजन का स्वतंत्र परीक्षण शोज़ोटर ने 1897 ई. में ऑगवर्ग में किया और डीज़ल इंजनों का आम प्रदर्शन म्युनिख प्रदर्शनी में 1898 ई. में हुआ। सन्‌ 1910 में जेम्स मैक्केचनिक ने ठोस इंजेक्शन प्रणाली का विकास किया, जिसमें सरल, ऊँचे दबाववाला ईंधन-तेल पंप इंजेक्शन के काम में प्रयुक्त हुआ।

( इस खबर में कुछ अंश एजेंसी से लिया गया है। )

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