घंटा घर में सीएए के खिलाफ आंदोलन करने वाली महिलाएं अब करेंगी सांकेतिक विरोध

Samachar Jagat | Tuesday, 24 Mar 2020 06:47:41 AM
2548353770277291

गैरसंवैधानिक नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पिछले 67 दिनों से घंटाघर/उजरियांव लखनऊ पर चल रहे महिलाओं के आंदोलन ने कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए शहीद भगत सिंह को याद किया और अपने-अपने दुपट्टे और सामान को यथास्थिति छोड़ कर साफ किया कि धरने को सांकेतिक विरोध के रूप जारी रखेंगी. पत्रकारं से बातचीत करतेहुए अज़रा, उरूसा राणा, सना, शहर फातिमा, अरशी खान, सना हाशमी, नजमा हाशमी और नुजहत ने संबोधित किया. उन्होंने बताया कि उनके लिखे पत्र पर पुलिस कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि इस आपदा के खत्म होते ही हम लोकतांत्रिक विरोध जारी रखेंगे. कोरोना के प्रकोप को देखते हुए घंटाघर सहित पूरे देश में सीएए आंदोलन के दौरान गिरफ्तार लोगों को तत्काल रिहा किया जाए.



loading...

प्रदर्शन करने वाली महिलाओं ने कहा कि हम हर लड़ाई में देश के साथ खड़े हैं चाहे वह लड़ाई संविधान को बचाने की हो या कोरोना को भगाने की. महिलाओं ने शहीद दिवस पर भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु को याद करते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने यह मुल्क़ अपने खून से सींचा है जाने कितनी रानी लक्ष्मीबाई, झलकारीबाई, फातिमा, सावित्री बाई फुले, बी अम्मा, बेगम हज़रत महल ने इस देश के लिए अपना खून दिया है. हमने इंकलाब उन्हीं से सीखा है और आज उनके दिखाए रास्ते पर चलते हुए हम अपने दुपट्टे घंटा घर / उजरियांव धरना स्थल पर छोड़कर जा रहे हैं. देश से जब कोरोना का संकट खत्म हो जाएगा वापस आएंगे और इस गैरसंवैधानिक नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ लड़ाई फिर से सड़क पर ही लड़ी जाएगी.

महिलाओं ने प्रशासन से सांकेतिक विरोध में सहयोग की अपील करते हुए चेतावनी भी दी है अगर उनके सांकेतिक विरोध से छेड़छाड़ की गए तो वे उससे ज़्यादा तादाद में आएंगी. महिलाओं ने एक पत्र प्रशासन को भी दिया है जिसमें साफ लिखा है कि हम धरना-स्थल से जा रहे हैं विरोध बंद नहीं कर रहे हैं बस विरोध का तरीका बदल रहे हैं. प्रशासन उनके सांकेतिक धरने में सहयोग करे. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).


loading...


 
loading...

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!




Copyright @ 2020 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.