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जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने हाल ही में दिवंगत हुए रामेश्वर डूडी को संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत में सदन में श्रद्धांजलि को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
अशोक गहलोत ने इस संबंध में एक्स माध्यम से कहा कि बेहद दुःख और हैरत का विषय है कि लोकसभा के शीतकालीन सत्र के प्रथम दिन जब परंपरानुसार दिवगंत हुए नेताओं के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है तो हाल ही में दिवंगत हुए रामेश्वर डूडी का नाम शामिल नहीं किया गया। डूडी लोकसभा के सदस्य रहे थे एवं देश की किसान कौम के हक के लिए संघर्ष करते थे। वे राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे थे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तो स्वयं राजस्थान से सांसद हैं, इस तरह की चूक होना बेहद पीड़ादायक है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक्स के माध्यम से कहा कि पूर्व सांसद एवं किसान नेता स्व. रामेश्वर डूडी को संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत में सदन में श्रद्धांजलि नहीं देना अत्यंत दु:खद और संसदीय परंपराओं का अपमान है। संसद सत्र की शुरुआत में दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दी जाती रही है, लेकिन स्व. डूडी जी को श्रद्धांजलि न देना समझ से परे और चकित करने वाला है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मांग है कि 3 दिसंबर को सदन की कार्यवाही के प्रारंभ में स्व. डूडी को श्रद्धांजलि अर्पित कर सदन की परंपराओं निर्वहन कर सम्मान करें।
डूडी को पूरे सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी जाए: जूली
टीकाराम जूली ने कहा कि पूर्व सांसद एवं किसान नेता तथा राजस्थान विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्व.श्री रामेश्वर डूडी को संसद की शीतकालीन सत्र की शुरुआत में श्रद्धांजलि न दिया जाना न सिर्फ राजस्थानवासियों एवं किसान वर्ग के दिलों को दुखाने वाला है बल्कि संसदीय परंपरा का भी अपमान है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मेरी मांग है कि डूडी को पूरे सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी जाए एवं इस तरह की चूक करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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