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जयपुर। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने वन,पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में राज्य मंत्री मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह पर लोकसभा में सूचीबद्ध प्रश्न के जवाब में मूल विषय को ही भ्रमित करने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया है।
आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल जैसे राज्यों में भूस्खलन और बादल फटने जैसी आपदाएं बढ़ने के संबंध में प्रश्न पूछा था। बेनीवाल ने इस संबंध में सोमवार रात एक्स के माध्यम से कहा कि अनियंत्रित,अनियोजित निर्माण और अवैज्ञानिक बुनियादी ढांचागत विकास पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा कर रहे हैं, जिससे विशेषकर जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल जैसे राज्यों में भूस्खलन और बादल फटने जैसी आपदाएँ बढ़ी हैं।
इसी संदर्भ में मेरा आज प्रश्न लोक सभा में सूचीबद्ध था जिसका जवाब वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री ने दिया लेकिन ऐसे संरक्षित क्षेत्रों में पर्यटन के नाम पर,विद्युत परियोजनाओं तथा अन्य विकास की गतिविधियों के नाम पर निर्माण की जो अनुमतियां मंत्रालय द्वारा दी गई उसकी जानकारी मंत्री जी ने जवाब में उल्लेखित नहीं की।
हनुमान बेनीवाल ने इस संबंध में आगे कहा कि इससे यह स्पष्ट है कि वन,पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में राज्य मंत्री का जिम्मा संभाल रहे मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने अपने जवाब में मूल विषय को ही भ्रमित करने का प्रयास किया है। आज विकास की जरूरत है मगर विकास के नाम पर विनाश को निमंत्रण देना किसी भी रूप में उचित नहीं है।
सरकार को प्रकृति के संरक्षण के उद्देश्य को प्राथमिकता देते हुए विकास योजनाओं की मंजूरी देनी चाहिए
आरएलपी सांसद ने कहा कि हम सभी ने देखा है कि हाल ही के वर्षों में जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल जैसे राज्यों में भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाओं से न केवल पर्यावरण संकट उत्पन्न हुआ बल्कि जनहानि भी हुई है। सरकार को प्रकृति के संरक्षण के उद्देश्य को प्राथमिकता देते हुए विकास योजनाओं की मंजूरी देनी चाहिए ।
PC: ichowk
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