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इंटरनेट डेस्क। इजराइल-अमेरिका और ईरान जंग के बीच आज भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा हुआ है। समंदर में भारत की ताकत बढ़ गई है। आज आईएनएस तारागिरी और आईएनएस अरिदमन को भारतीय नौसेना में शामिल कर लिया गया है। भारत के इस कदम से पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान की टेंशन जरूर ही बढ़ गई होगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापत्तनम में परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन और स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस तारागिरी को देश को समर्पित कर नौसेना की ताकत को बढ़ा दी है। इस मौके पर नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी और सीडीएस जनरल अनिल चौहान सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।
आपको बात दें कि आईएनएस अरिदमन में समंदर की गहराई में छिपकर दुश्मन को तबाह करने की क्षमता है। वहीं आईएनएस तारागिरी सतह पर तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों के साथ दुश्मनों पर हमला करने में क्षमता रखता है।
ये हैं दोनों में विशेषताएं
आपको बता दें कि आईएनएस तारागिरी प्रोजेक्ट 17ए के तहत निर्मित चौथा शक्तिशाली युद्धपोत है। इसे पूरी तरह भारत में तैयार किया गया है। 6,670 टन वजनी से युद्धपोत हमारे स्वदेशी शिपयार्ड की अत्याधुनिक इंजीनियरिंग क्षमताओं को दर्शाता है। अत्याधुनिक हथियारों और रडार से बचने की अपनी 'स्टेल्थ' क्षमता के कारण ये हिंद-प्रशांत क्षेत्र में देश का अभेद्य कवच बनेगा। ये शक्तिशालि हथियार और सेंसर से लैस हैं। वहीं आईएनएस अरिदमन भी देश की एडवांस न्यूक्लियर-पावर्ड बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी है।इसमें आठ वर्टिकल लॉन्च ट्यूब हैं, जो लंबी दूरी की के-4 मिसाइल या अधिक संख्या में के-15 मिसाइल ले जाने में सक्षम है।
PC: moneycontrol
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