- SHARE
-
जयपुर। विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने रविवार को केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ शिष्टचार भेंट को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल पर तंज कसा है।
कांग्रेस नेता जूली ने इस संबंध में आज एक्स के माध्यम से कहा कि मुख्यमंत्री जी, दिल्ली में 'शिष्टाचार' तो ठीक है, लेकिन राजस्थान के 'अधिकारों' का हिसाब कब होगा? जनता जानना चाहती है कि आपकी सरकार के राज में प्रदेश की आर्थिक सेहत इतनी क्यों बिगड़ रही है? आंकड़ों की हकीकत विज्ञापन के 'उत्कर्ष' से कोसों दूर है। कल केन्द्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात में क्या आपने इन कटौतियों पर सवाल किया?
SASCI स्कीम: ₹15,000Cr का अनुमान था, मिले मात्र ₹9,500Cr (37% की कटौती)।केंद्रीय कर (Devolution): ₹85,716Cr के लक्ष्य के मुकाबले ₹83,940Cr ही प्राप्त हुए। Grant-in-Aid: ₹39,193Cr की अपेक्षा थी, पर मिले सिर्फ ₹37,910Cr।
जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री जी, राजस्थान के हिस्से के ये ₹8,000 करोड़ से ज्यादा रुपए कहां कम हो गए? 15वें वित्त आयोग के तहत राजस्थान की हिस्सेदारी में लगातार गिरावट आई है। डिविजिबल पूल में राजस्थान का हिस्सा पहले के 5.5% से घटाकर 6.026% (14वां आयोग) के बाद अब और भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में है। बजट 2025-26 के वास्तविक आंकड़ों में केंद्रीय करों से प्राप्त राशि में लगभग ₹1,776 करोड़ की सीधी कमी दर्ज की गई है। क्या दिल्ली यात्रा में इस पर कोई बात हुई?
आपकी सरकार सिर्फ 3 साल में ही ₹2.22 लाख करोड़ का कर्ज लेने जा रही है
कांग्रेस नेता जूली ने आगे कहा कि 2 साल बनाम 5 साल का राग अलापने वाले मुख्यमंत्री जी सच सुनिए। कांग्रेस सरकार ने 5 साल में ₹2.26 लाख करोड़ कर्ज लिया। आपकी सरकार सिर्फ 3 साल में ही ₹2.22 लाख करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। 5 साल का कर्ज 3 साल में ही डकारने वाली सरकार किस मुंह से सुशासन की बात करती है? हकीकत यह है कि राज्य की अर्थव्यवस्था (GSDP) का आकार ₹1.13 लाख करोड़ (करीब 6%) तक सिकुड़ गया है। क्या दिल्ली से आप इन घाटों की भरपाई का कोई ठोस वादा लाए हैं या राजस्थान को सिर्फ कर्ज के जाल में फंसाकर लौट आए हैं? जवाब दीजिए मुख्यमंत्री जी।
PC: firstindianews
अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें