- SHARE
-
इंटरनेट डेस्क। न्यायमूर्ति सूर्यकांत आज देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं। सूर्यकांत को आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ दिलाई। उनका कार्यकाल लगभग 14 माह का होगा। वह नौ फरवरी 2027 तक अपने पद पर रहेंगे। उन्होंने न्यायमूर्ति बीआर गवई का स्थान लिया है, जो कल सेवानिवृत हुए हैं।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत के शपथ ग्रहण समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच डी कुमारस्वामी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी तथा कई अन्य प्रमुख केन्द्रीय मंत्री और गणमान्य व्यक्ति शामिल रहे।
पीएम मोदी से की मुलाकात, गवई से मिले गले
सूर्यकांत ने शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित अन्य लोगों से मुलाकात की। वहीं पूर्व सीजेआई बीआर गवई से गले मिले। इस समारोह की विशेष बात ये रही कि इसमें ब्राजील सहित सात देशों के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के जज भी शामिल हुए। कार्यक्रम में उनके परिवार के लोग शामिल हुए। सूर्यकांत ने कार्यक्रम में मौजूद बहन और बड़े भाई-भाभी के पैर छुए।
भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में पहली बार ऐसा
खबरों के अनुसार, भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में पहली बार किसी मुख्य न्यायाधीश के शपथ ग्रहण में इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय न्यायिक प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी रही। सूर्यकांत के शपथ ग्रहण समारोह में भूटान, केन्या, मलेशिया, मॉरिशस, नेपाल और श्रीलंका के मुख्य न्यायाधीश और उनके परिवार के सदस्य शामिल हुए।
PC: jagran
अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें