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National Handloom Day 2026: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (National Handloom Day) से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नया वीडियो साझा किया है। इस वीडियो के जरिए उन्होंने देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और भारतीय बुनकरों द्वारा तैयार किए गए हथकरघा उत्पादों को खरीदकर उनका समर्थन करने की अपील की है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में वर्ष 1905 के स्वदेशी आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय हथकरघा उद्योग केवल देश की सांस्कृतिक पहचान ही नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका का भी प्रमुख आधार है।
7 अगस्त को मनाया जाता है राष्ट्रीय हथकरघा दिवस
भारत में हर साल 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य देश के पारंपरिक हथकरघा उद्योग, बुनकरों की कला और उनके योगदान को सम्मान देना है।
इस अवसर पर केंद्र सरकार समय-समय पर लोगों को 'Vocal for Local' और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश भी देती रही है।
इंस्टाग्राम वीडियो में क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में भारतीय हथकरघा उद्योग की समृद्ध विरासत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने वाले बुनकर अपनी मेहनत और हुनर से ऐसे उत्पाद तैयार करते हैं, जो भारत की संस्कृति और परंपरा को दुनिया भर में पहचान दिलाते हैं।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि त्योहारों, पारिवारिक आयोजनों और दैनिक उपयोग के दौरान जहां भी संभव हो, भारतीय हथकरघा उत्पादों को प्राथमिकता दें।
स्वदेशी आंदोलन की दिलाई याद
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने 1905 के स्वदेशी आंदोलन का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि स्वदेशी आंदोलन केवल स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा नहीं था, बल्कि आत्मनिर्भरता और भारतीय उत्पादों को अपनाने का भी एक महत्वपूर्ण अभियान था। उसी भावना को आगे बढ़ाते हुए आज भी स्थानीय उत्पादों का उपयोग देश की अर्थव्यवस्था और कारीगरों दोनों के लिए लाभदायक हो सकता है।
बुनकरों का समर्थन करने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब लोग हथकरघा उत्पाद खरीदते हैं, तो इसका सीधा लाभ उन लाखों बुनकर परिवारों तक पहुंचता है, जो वर्षों से इस पारंपरिक कला को जीवित रखे हुए हैं।
उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे भारतीय हस्तनिर्मित वस्त्रों और अन्य हथकरघा उत्पादों को खरीदकर स्थानीय कारीगरों का उत्साह बढ़ाएं और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में योगदान दें।
हथकरघा उद्योग का देश की अर्थव्यवस्था में योगदान
भारत का हथकरघा क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यह उद्योग लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराता है।
साड़ी, शॉल, दुपट्टे, स्टोल, कुर्ता फैब्रिक और कई पारंपरिक वस्त्र भारतीय हथकरघा उद्योग की पहचान हैं, जिनकी मांग देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बनी रहती है।
क्यों खास है National Handloom Day?
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का उद्देश्य केवल भारतीय वस्त्र परंपरा का सम्मान करना ही नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को स्वदेशी उत्पादों के महत्व से भी जोड़ना है।
सरकार और विभिन्न संस्थाएं इस अवसर पर जागरूकता अभियान, प्रदर्शनियों और कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय बुनकरों और उनके उत्पादों को बढ़ावा देती हैं।
प्रधानमंत्री का यह नया वीडियो भी इसी दिशा में एक संदेश माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने देशवासियों से भारतीय हथकरघा उत्पादों को अपनाने और स्थानीय कारीगरों का समर्थन करने की अपील की है।