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इंटरेट डेस्क। हाईवे और सड़कों पर अब आवारा पशुओं की नौ एंट्री रहेगी। देश के शीर्ष कोर्ट ने आज देश के कई राज्यों में सड़कों और हाईवे पर खुले घूम रहे आवारा मवेशियों को लेकर सख्त टिप्पणी करते हुए सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने सुनवाई की। सर्वोच्च अदालत ने हाइवे और एक्सप्रेस-वे पर आवारा पशुओं पर रोक लगा दी।
खबरों के अनुसार, उच्चतम न्यायालय ने आज सरकार को कहा कि हाईवे और सड़कों से आवारा पशुओं को तुरंत हटाया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बस स्टैंडों, खेल परिसरों और रेलवे स्टेशनों से आवारा कुत्तों और अन्य ऐसे मवेशियों को तुरंत हटाए जाने और उन्हें आश्रय गृह भेजने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए 8 सप्ताह का वक्त सरकार को दिया है।
राजमार्ग गश्ती दल गठित करने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को राजमार्ग गश्ती दल गठित और सड़कों से आवारा पशुओं को पकड़कर उन्हें आश्रय गृहों में रखे जाने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में अगली सुनवाई 13 जनवरी की जाएगी। मामले की सुनवाई के दौरान देश के शीर्ष कोर्ट ने राजस्थान उच्च न्यायालय के उन निर्देशों की भी पुष्टि की जिनमें राज्य सरकार की ओर से अधिकारियों, नगरपालिका अधिकारियों और सड़क एवं परिवहन अधिकारियों को राजमार्गों और एक्सप्रेसवे से मवेशियों को हटाकर उन्हें आश्रय स्थलों में पुनर्वासित करने का निर्देश दिया गया था।
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