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जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का एक बार फिर से राजनीति को लेकर दर्द छलका है। दो बार प्रदेश की सीएम रह चुकी वसुंधरा राजे ने इस संबंध में सोमवार को सोशल मीडिया के माध्मय से बड़ी बात कही है। राजे ने एक्स के माध्यम से बताया कि छोटी खाटू में आचार्य महाश्रमण मर्यादा महोत्सव में हिस्सा लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजे ने कहा कि जैन धर्म अहिंसा पर आधारित है। किसी भी जीव, किसी भी प्राणी के जीवन को नुक़सान पहुंचाना हिंसा मानी गई है। लेकिन हथियार से हिंसा करना या किसी को मारना-पीटना ही हिंसा नहीं है। किसी का दिल दुखाना और किसी का दिल तोड़ना भी हिंसा है। लेकिन राजनीति में अक्सर ऐसा होता है। राजनीति में दिल तोड़े भी जाते है और दिल दुखाए भी जाते हैं।
राजस्थान भाजपा की दिग्गज नेता वसुंधरा राजे ने आगे कहा कि मेरी माताजी, आदरणीय राजमाता विजया राजे सिंधिया जी ने हमें सिखाया है कि जीवन में किसी का मन आहत मत करो। मैं उन्हीं की राह पर चल रही हूँ। किसी के साथ अन्याय करना और किसी का हक छीनना भी अधर्म है।
युगप्रधान आचार्य महाश्रमण जी का आशीर्वाद प्राप्त किया
उन्होंने कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास समय का अभाव है। यदि लोग समय निकाल कर भगवान का स्मरण कर लें तो जीवन में कठिनाइयां आए ही नहीं। इस अवसर पर युगप्रधान आचार्य महाश्रमण जी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। मैं महाश्रमण मर्यादा महोत्सव समिति का इस अवसर के लिए आभार प्रकट करती हूँ। आपको बात दें कि वसुंधरा राजे सोमवार को डीडवाना- कुचामन के दौरे पर रही थी।
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