रिएक्टिव के साथ प्रो-एक्टिव होकर भी काम करे पुलिस : राजे

Samachar Jagat | Sunday, 27 Nov 2016 12:05:43 PM
रिएक्टिव के साथ प्रो-एक्टिव होकर भी काम करे पुलिस : राजे

जयपुर। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि पुलिस अधिकारी सतर्कता, संवेदनशीलता एवं मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी को अंजाम दें तो सही मायने में आमजन में विश्वास तथा अपराधियों में भय कायम होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस अपराधों की रोकथाम और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रिएक्टिव के साथ-साथ प्रो-एक्टिव होकर भी काम करे। 

राजे शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में जिला कलक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के तीसरे दिन जिला पुलिस अधीक्षकों व अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि पुलिस शासन का वह अंग है जिससे आमजन का परेशानी के समय सबसे अधिक वास्ता पड़ता है। ऐसे में पुलिस का आचरण, व्यवहार एवं सहायता जरूरतमंदों के लिए संबल बने।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छा प्रशासन, सर्विस डिलीवरी और विकास तभी सम्भव है जब समाज में हर तरफ सुरक्षा की भावना मौजूद हो। उन्होंने पुुलिस अधिकारियों का आह्वान किया कि हम आमजन के लिए ऐसी पुलिस फोर्स बनें जो प्रोफेशनल होने के साथ ही उनके अधिकारों को सम्मान दे। जिला पुलिस अधीक्षक अपनी कार्यप्रणाली में नवाचारों, 

सोशल मीडिया तथा आईटी टूल्स को शामिल कर और अधिक चौकसी से 
अपने काम को अंजाम दें। राजे ने कहा कि थानों में वही आदमी आता है जिसे पुलिस की मदद की जरूरत होती है। ऐसे में एफआईआर दर्ज कर उसे राहत देना पहला कदम होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस अधिक संवेदनशीलता का परिचय दे।

मुख्यमंत्री ने समय पर लिए गए एक्शन को पुलिस के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायतें समय पर सुन ली जाएं तो स्थिति को तनावपूर्ण बनने से रोका जा सकता है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को लोगों के बीच जाने और उनसे बातचीत कर महत्वपूर्ण मुद्दों की फस्र्ट-हैंड जानकारी रखने के लिए कहा। 

नवाचारों की सराहना की : राजे ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से किए जा रहे सोशल मीडिया के उपयोग, पाली में युवाओं को नागरिक सुरक्षा दल के रूप में जोडऩे, बाड़मेर में सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों से पुलिस मित्र मण्डल के रूप में लिए जा रहे सहयोग, टोंक जिला पुलिस द्वारा रोड सेफ्टी के लिए किए जा रहे उपायों सहित अन्य नवाचारों की सराहना की।  

पुलिस अधिकारियों ने दिए प्रस्तुतिकरण : पुलिस अधिकारियों के उपसमूहों की ओर से साइबर अपराध, पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने, संगठित अपराधों से निपटने की रणनीति, आदि विषयों पर प्रस्तुतिकरण दिया। इस अवसर पर राज्य मंत्रिपरिषद् के सदस्य, संसदीय सचिव, मुख्य सचिव ओ.पी. मीना सहित विभिन्न विभागों एवं राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस कमिश्नर आदि उपस्थित थे।

अपने काम को अंजाम दें। राजे ने कहा कि थानों में वही आदमी आता है जिसे पुलिस की मदद की जरूरत होती है। ऐसे में एफआईआर दर्ज कर उसे राहत देना पहला कदम होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस अधिक संवेदनशीलता का परिचय दे।

मुख्यमंत्री ने समय पर लिए गए एक्शन को पुलिस के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायतें समय पर सुन ली जाएं तो स्थिति को तनावपूर्ण बनने से रोका जा सकता है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को लोगों के बीच जाने और उनसे बातचीत कर महत्वपूर्ण मुद्दों की फस्र्ट-हैंड जानकारी रखने के लिए कहा। 

सोशल मीडिया पर रखें चौकस निगाह : राजे ने कहा कि पुलिस अधिकारी आईटी और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर अपराधों पर प्रभावी तरीके से लगाम लगा सकते हैं। उन्होंने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के निर्देश देते हुए कहा कि इनसे अफवाहों को फैलने से समय पर रोका जा सकता है।

सीएलजी सदस्यों का सक्रिय सहयोग लें : मुख्यमंत्री ने जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे सीएलजी सदस्यों की सहभागिता बढ़ाएं। खासकर महिला सदस्यों को सीएलजी से जोड़ें जिससे महिलाओं से संबंधित अपराधों तथा समस्याओं को प्रभावी रूप से सुलझाने में मदद मिलेगी। राजे ने सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने, सेना, अद्र्धसैनिक बलों तथा दूसरे राज्यों की पुलिस से सहयोग बढ़ाने आदि के भी निर्देश दिए। 

नवाचारों की सराहना की : राजे ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से किए जा रहे सोशल मीडिया के उपयोग, पाली में युवाओं को नागरिक सुरक्षा दल के रूप में जोडऩे, बाड़मेर में सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों से पुलिस मित्र मण्डल के रूप में लिए जा रहे सहयोग, टोंक जिला पुलिस द्वारा रोड सेफ्टी के लिए किए जा रहे उपायों सहित अन्य नवाचारों की सराहना की।  

पुलिस अधिकारियों ने दिए प्रस्तुतिकरण : पुलिस अधिकारियों के उपसमूहों की ओर से साइबर अपराध, पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने, संगठित अपराधों से निपटने की रणनीति, आदि विषयों पर प्रस्तुतिकरण दिया। इस अवसर पर राज्य मंत्रिपरिषद् के सदस्य, संसदीय सचिव, मुख्य सचिव ओ.पी. मीना सहित विभिन्न विभागों एवं राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस कमिश्नर आदि उपस्थित थे।

आमजन से बढ़ाएं संवाद
राजे ने कहा कि कई परिस्थितियों में आगे बढक़र उठाए गए छोटे-छोटे कदम पुलिस की अच्छी छवि का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों, पद यात्राओं, मेलों, ग्रामीण खेलों और सेना भर्ती रैलियों में छोटे-छोटे प्रयास कर मेल-जोल बढ़ाएं। राजे ने कहा कि राजस्थान एक शान्तिप्रिय राज्य है। आपराधिक तत्वों पर लगाम कसने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अवैध हथियारों के प्रति जीरो टॉलरेंस होनी चाहिए।

महिलाओं, बच्चों तथा एससी-एसटी के प्रति रहें संवेदनशील
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों सहित अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के प्रति अपराधों की तफ्तीश संवेदनशीलता के साथ करें ताकि इनमें सुरक्षा की भावना बढ़े।
‘कलक्टर और एसपी के समन्वय से बढ़ेगी आमजन की खुशहाली’
मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा है कि आमजन का हैप्पीनेस इंडेक्स बढ़ाने में जिला प्रशासन के साथ-साथ जिला पुलिस अधिकारियों के बीच आपसी सहयोग एवं समन्वय अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि इसके लिए विभिन्न जिलों में शुरू  हुए नवाचारों और अच्छी कार्य पद्धतियों को दूसरे जिलों में शुरू  किया जाना चाहिए। 

राजे शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में जिला कलक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के तीसरे दिन दूसरे सत्र को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि बिजली की छीजत घटाने और चोरी रोकने की जिला प्रशासन की जिम्मेदारी में जिला पुलिस को भी सहयोग करना होगा। उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षकों से ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयासों में जिला प्रशासन की मदद करने का आह्वान किया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान, कचरा प्रबंधन, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान जैसे कार्यक्रमों की सफलता के लिए भी जिला कलक्टर्स 
और जिला पुलिस अधीक्षकों का आपसी समन्वय हो।  कॉन्फ्रेंंस में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार सिंह ने प्रदेश में अपराधों की रोकथाम के परिदृश्य, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यूआर साहू ने आंतरिक सुरक्षा की स्थिति एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एनआरके रेड्डी ने विभिन्न जिलों में कानून व्यवस्था की स्थिति पर प्रस्तुतीकरण दिए। 

जिला कलक्टर्स के चार उपसमूहों की ओर से जिला कलक्टर्स की कार्यक्षमता बढ़ाने, खुशहाली इंडेक्स बढ़ाने, प्रशासनिक कार्यों में सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल और जनअभाव अभियोग निराकरण की व्यवस्था में सुधार पर प्रस्तुतीकरण दिए। सभी जिला कलक्टर्स की ओर से जयपुर जिला कलक्टर सिद्धार्थ महाजन ने कॉन्फ्रेंस के लिए मुख्यमंत्री एवं उच्च अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। 

इस अवसर पर राज्य मंत्रिपरिषद् के सदस्य, संसदीय सचिव, मुख्य सचिव ओ.पी. मीना सहित विभिन्न विभागों एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कलक्टर और एसपी के समन्वय...
और जिला पुलिस अधीक्षकों का आपसी समन्वय हो।  कॉन्फ्रेंंस में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार सिंह ने प्रदेश में अपराधों की रोकथाम के परिदृश्य, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यूआर साहू ने आंतरिक सुरक्षा की स्थिति एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एनआरके रेड्डी ने विभिन्न जिलों में कानून व्यवस्था की स्थिति पर प्रस्तुतीकरण दिए। 

जिला कलक्टर्स के चार उपसमूहों की ओर से जिला कलक्टर्स की कार्यक्षमता बढ़ाने, खुशहाली इंडेक्स बढ़ाने, प्रशासनिक कार्यों में सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल और जनअभाव अभियोग निराकरण की व्यवस्था में सुधार पर प्रस्तुतीकरण दिए। सभी जिला कलक्टर्स की ओर से जयपुर जिला कलक्टर सिद्धार्थ महाजन ने कॉन्फ्रेंस के लिए मुख्यमंत्री एवं उच्च अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राज्य मंत्रिपरिषद् के सदस्य, संसदीय सचिव, मुख्य सचिव ओ.पी. मीना सहित विभिन्न विभागों एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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