बोपन्ना-शरण ने जीता सोना, इंडिया को फिर मिला 4 साल बाद ये खिताब

Samachar Jagat | Tuesday, 04 Sep 2018 08:18:27 AM
Bopanna-Sharan won gold

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पालेमबंग। शीर्ष वरीय भारतीय टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना और दिविज शरण की अनुभवी जोड़ी ने शुक्रवार को कजाखिस्तान के खिलाफ 2-0 की जीत के साथ 18वें एशियाई खेलों में पुरूष युगल का स्वर्ण पदक जीत इंडिया को 4 साल बाद फिर से एशियाड में खिताब दिला दिया।

युगल विशेषज्ञ बोपन्ना और दिविज की ने सेमीफाइनल मुकाबले में कजाखिस्तान के एलेक्सांद्र बुबलिक तथा डेनिस येवसेयेव को लगातार सेटों में 6-3, 6-4 से पराजित कर मात्र 52 मिनट में स्वर्ण जीत लिया जो इंडोनेशिया में भारत के लिये टेनिस प्रतियोगिता का पहला स्वर्ण है।

महिला एकल में अंकिता रैना ने कांस्य दिलाया है। इंडिया ने आखिरी 5 एशियाई खेलों में 4 में पुरूष युगल वर्ग का स्वर्ण पदक जीता है। महेश भूपति और लिएंडर पेस की जोड़ी ने वर्ष 2002 और 2006 में और सोमदेव देववर्मन और सनम सिह ने 2010 में युगल का स्वर्ण जीता था।

4 साल पहले 2014 के इंचियोन खेलों में साकेत मिनैनी और सनम रजत पदक जीत पाए थे। बोपन्ना के लिये यह एशियाई खेलों का पहला पदक है जबकि शरण ने इंचियोन में यूकी भांबरी के साथ युगल वर्ग का कांस्य जीता था और यह उनका लगातार दूसरा पदक है।

बोपन्ना-दिविज की शीर्ष वरीय जोड़ी ने मैच में तीन में से दो ब्रेक अंक भुनाये और पहले सर्व पर 87 फीसदी अंक बटोरे। उन्होंने कुल 30 विनर्स लगाये। कजाख जोड़ी ने दूसरी ओर चार डबल फाल्ट किये और 11 बेजां भूलें की। उनके पास भारतीय जोड़ी की 4 बार सर्विस ब्रेक करने का मौका आया लेकिन वे एक भी ब्रेक अंक नहीं भुना सके।

भारतीय खिलाड़यिों के लिये मैच लगभग एकतरफा रहा और उन्होंने विपक्षी खिलाड़यिों की सर्विस ब्रेक कर 4-1 की बढत बना ली और फिर स्कोर 5-3 किया जबकि बोपन्ना ने जबरदस्त सर्व करते हुये पहला सेट जीत भारत को 1-0 की बढत दिला दी। कजाख खिलाड़ी लगातार बेजां भूलें करते रहे।

बोपन्ना-दिविज ने अपने अनुभव का फायदा उठाते हुये कहीं बेहतर रणनीति के साथ खेला। बोपन्ना बेसलाइन पर मोर्च संभाल रहे थे तो शरण ने कोर्ट पर अच्छा नियंत्रण दिखाया। दूसरे सेट में कजाख जोड़ी ने वापसी का प्रयास करते हुये स्कोर 3-3 पर बराबर किया लेकिन शीर्ष वरीय भारतीय जोड़ी ने उनकी सर्विस ब्रेक करते हुये 5-3 से बढत बना ली।

मैच में 40-0 पर फिर बोपन्ना ने बेहतरीन सर्विस की लेकिन कजाख जोड़ी रिटर्न पर गलती कर बैठी और उनका शॉट नेट में फंस गया जिसके साथ ही इंडिया ने दूसरा सेट जीतने के साथ स्वर्ण पर कब्जा कर लिया। मैच समाप्ति के बाद बोपन्ना ने कहा कि एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतना बहुत अच्छा अहसास है। हमें खुशी है कि हमने 4 साल बाद फिर से अपना खिताब हासिल कर लिया है। हमने एक टीम के तौर पर अच्छा प्रदर्शन किया और इसी से हमें सफलता मिली।

उन्होंने कहा कि कजाखिस्तान की टीम ने अच्छा खेल दिखाया और हमें चुनौती दी। लेकिन हमें पता था कि हम विपक्षी टीम को नियंत्रित कर सकते हैं। हमने योजना से खेला और खिताब वापिस जीता। पुरूष एकल में अब निगाहें प्रजनेश गुणेश्वरन पर लगी हैं जो सेमीफाइनल मैच में उज्बेकिस्तान के अनुभवी डेनिस इस्तोमिन के खिलाफ उतरेंगे।

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