शनि देव व्रत: शनिवार को करें ये विशेष उपाय, मिलेगी कृपा और कटेंगे सारे दोष

epaper | Friday, 13 Jun 2025 08:07:02 PM
Shani Dev Vrat: Do these special remedies on Saturday, you will get blessings and all the defects will be removed

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होता है, और शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित होता है। शनि देव को प्रसन्न करने के लिए विशेष रूप से शनिवार व्रत और पूजा का महत्व बताया गया है। मान्यता है कि यदि श्रद्धा और सही विधि से यह व्रत किया जाए तो शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आ रही परेशानियां, बाधाएं और ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है।

शनिवार व्रत की तैयारी ऐसे करें

शनिवार व्रत से एक दिन पहले यानी शुक्रवार को ही व्रत का मानसिक संकल्प लेना चाहिए और तामसिक भोजन (मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज आदि) से परहेज करना चाहिए।
व्रत वाले दिन इन बातों का ध्यान रखें:

  • ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  • भगवान शनि के चित्र या मूर्ति के सामने व्रत का संकल्प लें।

  • पीपल के पेड़ को जल अर्पित करें और उसकी सात परिक्रमा करें।

  • परिक्रमा करते समय पीपल में काला धागा या काले रंग का वस्त्र बांधना शुभ माना जाता है।


???? शनि देव की कृपा पाने के लिए करें ये विशेष पूजन विधि

  • शनिदेव की लोहे की मूर्ति की पूजा करें और काले तिल, काले वस्त्र, और सरसों के तेल का उपयोग करें।

  • शनिवार की संध्या को मंदिर जाकर शनि आरती करें और सरसों का तेल अर्पित करें।

  • पूजन के दौरान शनि चालीसा, शनि स्तोत्र या “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जप करें।

  • काले तिल, लोहे के पात्र, कंबल, या काले चप्पल का दान करना विशेष फलदायी माना गया है।

क्या करें और क्या न करें शनिवार के दिन

✔️ क्या करें:

  • निर्धनों को काला वस्त्र या भोजन का दान करें।

  • लोहे, काले तिल और तेल से बनी चीजें दान करें।

  • शनि मंदिर में सरसों का तेल चढ़ाएं।

  • बुजुर्गों और सफाई कर्मचारियों का सम्मान करें।

क्या न करें:

  • तामसिक भोजन और शराब से दूर रहें।

  • पशुओं या जरूरतमंदों से कठोर व्यवहार न करें।

  • झूठ बोलने, चोरी, या छल-कपट से बचें।

  • शनि देव की पूजा में भूलवश भी लाल या सफेद रंग की वस्तुएं न चढ़ाएं।

शनिवार व्रत का फल और लाभ

  • शनि की महादशा या साढ़ेसाती के दुष्प्रभाव कम होते हैं।

  • व्यापार, नौकरी और पारिवारिक जीवन में बाधाएं दूर होती हैं।

  • मानसिक शांति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

  • न्यायप्रिय और सत्य मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।

व्रत तोड़ने से पहले ध्यान रखें यह बात

शनिवार व्रत को अगले दिन यानी रविवार को प्रातःकाल विधिपूर्वक प्रार्थना और जल अर्पण के साथ पूर्ण करना चाहिए। बिना समापन अनुष्ठान के व्रत अधूरा माना जाता है, जिससे पूर्ण फल नहीं मिलता।

शनि देव की पूजा और शनिवार का व्रत सही विधि से करने पर जीवन की कई परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है। यह व्रत न केवल आध्यात्मिक शुद्धि देता है बल्कि कर्मों के प्रभाव को भी संतुलित करता है। शनि देव को प्रसन्न करना कठिन जरूर है, परंतु यदि श्रद्धा और नियमों के साथ पूजा की जाए तो उनका आशीर्वाद जीवन को सफल बना सकता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी प्रकार की पूजा-पद्धति या अनुष्ठान करने से पहले योग्य आचार्य या विद्वान से परामर्श अवश्य करें।]

 



 


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