पान मसाला कंपनियां फेल नमूनों को रैफरल लैब से जांच कराने में जुटी

Samachar Jagat | Monday, 18 Nov 2019 12:03:49 PM
Pan masala companies engaged in testing failed samples from referral lab


रजनीगंधा, पान बहार जैसे बड़े ब्रांड के नमूने अनसेफ, विभाग कार्रवाई के नाम पर कर रहा खानापूर्ति

 
जयपुर, कासं। चिकित्सा एवं स्वस्थ्य विभाग की ओर से मैग्नीशयिम व निकोटिन युक्त पान मसालों पर प्रतिबंध तो लगा दिया लेकिन अब जांच में नमूने फेल होने के बाद अब विभाग खानापूर्ति में लगा हुआ है। विभाग ने पान मसालों पर सख्ती के आदेश तक निकाले थ्ो लेकिेन अब आदेश कागजों में सिमट कर रह गए। विभाग के निदेशक यह कहकर कार्रवाई की बात कर रहे हैं कि रजनीगंधा, पान बहार समेत कई पान मसालों के प्रकरणों को कोर्ट में पेश किया जाएगा, उधर ज्यादातर पान मसाला कंपनियां नोयडा स्थित रेफरल प्रयोगशाला से जांच कराने के लिए अपील में जुटी है।

विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जोधपुर, भरतपुर, बीकानेर व जयपुर में पान मसालों के ज्यादातर नमूने अनसेफ पाए गए। नियमों के तहत इन पान मसालों को बाजार से जब्त किए जाने का प्रावधान है। खाद्य निरीक्षकों से इस मामले में बातचीत की गई तो उनका कहना था कि रजनीगंधा का सेंपल तो बाकायदा कंपनी के अधिकृत डिपो से लिया गया था। लेकिन कंपनी नमूने फेल के बाद जब्त के मामले में उच्च अधिकारियों के आदेश नहीं मिले हैं। ज्यादातर पान मसालों के अनसेफ पाए जाने के बाद विभाग अब नए सिरे से रणनीति बनाने में जुटा हुआ है लेकिन अभी तक कार्रवाई की ठोस रणनीति को मंजूरी नहीं दी है। पान मसालों में जहरकारक तत्वों की मिलावट सामने आने के बाद पान मसाला कंपनियों की गुणवत्ता की कलई खुल गई है। एफएसएसआई के नियमों के तहत पान मसालों में मैग् नीशियम व मिनरल ऑयल प्रतिबंधित है इसके बाद भी कंपनियां धड़ल्ले से प्रतिबंधित पदार्थों की मिलावट कर रही है और विभाग इन कंपनियों पर कोई शिकंजा नहीं कस पा रहा। विभाग की ओर से पिछले पांच वर्षों में खाद्य पदार्थों में मिलावट के सैकड़ों मामले सामने आए लेकिन विभाग ने सख्ती की कोई योजना नहीं बनाई। कई ब्रांडों के खाद्य पदार्थों में बार-बार मिलावट के प्रकरण सामने आते हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग इनके खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहा।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक के के शर्मा से सवाल-जवाब

सवाल-विभाग ने मैग् ाÝीशियम, निकोटिन व मिनरल ऑयल युक्त पान मसालों पर प्रतिबंध का आदेश दो महीने पहले जारी किया था, जबकि यह प्रतिबंध पहले से ही था, तब विभाग ने कहा था सख्ती करने के लिए आदेश निकाला है। अब सख्ती कहां दिख रही है?

रजनीगंधा के मार्केटिंग हैड आर के भल्ला ने कहा, कंपनी को इस संबंध में सब कुछ जानकारी है। रजनीगंधा का नमूना फेल होने के बाद दिल्ली में बैठे अफसर ही इस मामले को देख रहे हैं। प्रोडक्शन से जुड़े लोग गुणवत्ता में सुधार करेंगे। विभाग की ओर से अभी तक कोई आदेश नहीं मिला है। कंपनी सेंपल की जांच रेफरल लैब से कराने में जुटी हुई है।

जवाब-जिन पान मसालों के नमूने अनसेफ पाए गए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की रणनीति तैयार की जा रही है।

सवाल-जांच रिपोर्ट आ गई है। रजनीगंधा, पान बहार जैसे बड़े ब्रांडों पर मेहरबानी की जा रही है, ऐसी शिकायतें सामने आ रही है। विभाग कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा?

जवाब- बिल्कुल कार्रवाई करेंगे। अभी मैं मीटिंग में जा रहा हूं।

सवाल-अनसेफ पान मसालों को जब्त किए जाने का प्रावधान है, फूड इंस्पेक्टर कह रहे हैं कि आदेश नहीं मिले। क्या विभाग आदेश दे रहा है?

जवाब- नियमों में कार्रवाई का प्रावधान है, कार्रवाई नहीं होने पर विभाग सख्त कदम उठाएगा 



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2020 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.