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जयपुर। प्रदेश सरकार की ओर से भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग, अनियमितताओं एवं गंभीर कदाचार जैसे मामलों में प्रभावी और कठोर कार्रवाई की जा रही है। इसी के तहत सीएम भजनलाल ने अब राजकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज में छात्राओं के लैंगिक उत्पीड़न के एक प्रकरण में सख्त कार्रवाई करते हुए कॉलेज के प्राचार्य को सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया है। साथ ही, इस घृणित कृत्य में सहयोग करने वाले एक प्रवक्ता एवं पुस्तकालयाध्यक्ष को भी सेवा से हटाने की मंजूरी दी है।
सीएम भजनलाल ने भ्रष्टाचार एवं अन्य आपराधिक प्रकरणों में पद एवं प्रभाव का दुरुपयोग कर अवैध लाभ लेने से जुड़े 6 गंभीर मामलों में अभियोजन स्वीकृति प्रदान की। भ्रष्टाचार निवारण (यथा संशोधित 2018) अधिनियम तथा धन संशोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत सवाई मानसिंह चिकित्सालय के वरिष्ठ आचार्य, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता, वित्तीय सलाहकार, सहायक अभियंता तथा विकास अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करने का फैसला लिया।
इसके साथ ही सीएम भजनलाल ने सेवानिवृत्त अधिकारियों के सेवा काल में की गई अनुशासनहीनता, दुराचरण एवं भ्रष्टाचार में संलिप्तता के विभिन्न मामलों में 10 अधिकारियों की पेंशन रोकने का निर्णय लिया। 5 प्रकरणों में शत-प्रतिशत पेंशन रोकने की स्वीकृति भी दी गई। इसी प्रकार, एक प्रकरण में न्यायालय से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषसिद्धि होने पर शत-प्रतिशत पेंशन रोकने का निर्णय लिया गया। वहीं अन्य प्रकरणों में विभागीय जांच पूर्ण होने तक शत-प्रतिशत पेंशन रोकने का निर्णय किया गया।
6 प्रकरणों में विभिन्न अधिकारियों को देय वेतन वृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकने का निर्णय
भजनलाल ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत विस्तृत जांच का अनुमोदन करते हुए 5 प्रकरणों में एसीबी को आगामी अन्वेषण की अनुमति दी। इसी प्रकार, राजस्थान सिविल सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 16 के तहत 6 प्रकरणों में विभिन्न अधिकारियों को देय वेतन वृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकने का निर्णय लिया।
PC: dipr.rajasthan
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