- SHARE
-
जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संसदीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर एससी-ओबीसी छात्रों की फ्री कोचिंग योजना को लेकर केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। अशोक गहलोत ने एक खबर को शेयर कर सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी बात कही है।
पूर्व सीएम गहलोत ने एक्स के माध्यम से कहा कि संसदीय समिति की रिपोर्ट ने केंद्र की भाजपा सरकार के "सामाजिक न्याय" के दावों की पोल खोल दी है। एससी-ओबीसी छात्रों के लिए फ्री कोचिंग योजना में 2023-24 में 3,500 के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 223 यानी 6.4 प्रतिशत छात्रों को कोचिंग मिली, 2025-26 में यह आंकड़ा फिर गिरकर सिर्फ 12.3 प्रतिशत रह गया। बजट भी जानबूझकर 47 करोड़ से घटाकर सिर्फ 20 करोड़ रुपए कर दिया गया।
यह लापरवाही नहीं, सोची-समझी नीति है
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आगे कहा कि यह लापरवाही नहीं, सोची-समझी नीति है। जो सरकार एससी-ओबीसी वर्ग के वोट तो मांगती है, उसी वर्ग के बच्चों की शिक्षा योजना का बजट चुपचाप काट देती है। संसदीय समिति को खुद कहना पड़ा कि सरकार का जवाब संतोषजनक नहीं है, यह इस सरकार की नीयत पर सबसे बड़ी मुहर है।
दलित-पिछड़ों की शिक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा
तीन बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रह चुके अशोक गहलोत ने कहा कि हमारी कांग्रेस सरकार की अनुप्रति कोचिंग योजना ने राजस्थान में हजारों एससी-एसटी-ओबीसी छात्रों को प्राथमिकता देकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का सशक्त मंच दिया था। भाजपा सरकार को यह समझना चाहिए कि दलित-पिछड़ों की शिक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।
PC: firstindia
अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें