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जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बेटियों से जुड़ी योजनाओं को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस संबंध में आज एक्स के माध्यम से कहा कि बेटियों की शिक्षा को लेकर कांग्रेस सरकार और भाजपा सरकार की नीयत में जमीन-आसमान का फर्क है। हमारी सरकार ने बेटियों की एलकेजी से पीजी तक की पूरी पढ़ाई सरकारी संस्थानों में मुफ्त की, कालीबाई भील योजना में स्कूटी पाने वाली बालिकाओं की संख्या 20 हजार से बढ़ाकर 30 हजार की और 5 साल में 132 बालिका कॉलेज खोले।
भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही इन्हीं योजनाओं में कैंची चलानी शुरू कर दी है। 9वीं की छात्राओं को मिलने वाली निःशुल्क साइकिल योजना अब सिर्फ एनएफएसए परिवारों तक सीमित कर दी गई है, जिससे करीब 90 हजार यानी 28 प्रतिशत बेटियां बाहर हो जाएंगी और बजट में भी 40 करोड़ रुपए की कटौती कर दी गई है। इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार, जिसे अब पद्माक्षी पुरस्कार नाम दिया गया है, उसमें 12वीं की मेधावी बेटी को पहले मिलने वाले 1 लाख रुपए और स्कूटी को घटाकर सिर्फ 75 हजार रुपए कर दिया गया है, स्कूटी पूरी तरह हटा दी गई है। शिक्षक सम्मान की संख्या भी 1,374 से घटाकर सिर्फ 189 कर दी गई है।
आखिर बेटियों की शिक्षा से भाजपा सरकार को इतनी दिक्कत क्यों है?
अशोक गहलोत ने इस संबंध में आगे कहा कि आखिर बेटियों की शिक्षा और शिक्षकों के सम्मान से भाजपा सरकार को इतनी दिक्कत क्यों है? हर योजना जो बेटी को स्कूल तक लाती है, उसी पर कैंची क्यों चलाई जा रही है? कांग्रेस ने बेटियों के लिए दरवाजे खोले थे, भाजपा सरकार उन्हीं दरवाजों पर ताले जड़ रही है। ये भाजपा की दकियानूसी सोच का उदाहरण है।
PC: m.rediff
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