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अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की कार्यवाहक नेतृत्वकर्ता और उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को सख्त शब्दों में चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर रोड्रिगेज ने वेनेजुएला के भविष्य को लेकर “सही फैसले” नहीं लिए, तो उन्हें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से भी अधिक गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बदला सत्ता संतुलन
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया गया है और फिलहाल वे न्यूयॉर्क की एक जेल में बंद हैं। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद डेल्सी रोड्रिगेज ने देश की कमान संभाली है। उन्होंने अमेरिका की कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए मादुरो को तत्काल वेनेजुएला वापस भेजने की मांग की है।
‘द अटलांटिक’ को दिए इंटरव्यू में ट्रंप का सख्त संदेश
रविवार को द अटलांटिक मैगजीन को टेलीफोनिक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि रोड्रिगेज का अमेरिकी कदमों का खुला विरोध उन्हें स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा,
“अगर वेनेजुएला की नई नेतृत्वकर्ता देश के हित में काम नहीं करतीं, तो उन्हें इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है — शायद मादुरो से भी ज्यादा।”
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वेनेजुएला अकेला ऐसा देश नहीं है, जहां अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप कर सकता है।
रेजिम चेंज पर बदला ट्रंप का रुख
इस बातचीत में ट्रंप ने अपने पहले के उस रुख से अलग संकेत दिए, जिसमें वे सत्ता परिवर्तन और नेशन बिल्डिंग के विरोधी माने जाते थे। उन्होंने कहा कि चाहे इसे पुनर्निर्माण कहा जाए या सत्ता परिवर्तन, मौजूदा हालात से बदतर स्थिति संभव नहीं है।
ट्रंप ने कहा,
“जो कुछ भी होगा, वह आज की हालत से बेहतर ही होगा। इससे खराब तो कुछ हो ही नहीं सकता।”
पहले तारीफ, फिर धमकी—रोड्रिगेज पर बदला रुख
दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने रोड्रिगेज की सराहना की थी। कराकास पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया था कि रोड्रिगेज अमेरिका के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं और अमेरिका अस्थायी रूप से वेनेजुएला को “चलाने” में मदद करेगा।
ट्रंप ने तब कहा था कि रोड्रिगेज वेनेजुएला को “फिर से महान बनाने” के लिए जरूरी कदम उठाने को तैयार हैं।
रोड्रिगेज का पलटवार—“हम उपनिवेश नहीं बनेंगे”
हालांकि, रोड्रिगेज ने ट्रंप के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेनेजुएला अपने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और देश की रक्षा परिषद मादुरो की नीतियों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने दो टूक कहा,
“हम कभी भी किसी के उपनिवेश नहीं बनेंगे।”
दोबारा सैन्य कार्रवाई के संकेत
ट्रंप ने संकेत दिए कि अगर हालात बिगड़ते हैं, तो वे वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई की दूसरी लहर का आदेश देने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला पूरी तरह बर्बाद हो चुका है और इसे दोबारा खड़ा करना जरूरी है।
ग्रीनलैंड को लेकर भी दोहराया पुराना दावा
इसी बातचीत में ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपनी पुरानी मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड रूस और चीन के जहाजों से घिरा हुआ है और अमेरिका की सुरक्षा के लिए यह क्षेत्र बेहद अहम है।
डिस्क्लेमर
यह लेख अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है और सूचना के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है।