Income Tax Notice Rules: आयकर विभाग पत्नी को नकद देने पर भेज सकता है नोटिस, जानिए क्या है नियम

Preeti Sharma | Tuesday, 18 Mar 2025 09:36:37 AM
Income Tax Notice Rules: Income Tax Department can send notice if you give cash to your wife, know what are the rules

Income Tax Notice Rules: भारत में पति-पत्नी के बीच नकद लेनदेन पर प्रत्यक्ष कर देयता नहीं होती, लेकिन कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है। यदि इन नियमों को न समझा जाए, तो वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

नकद देने पर टैक्स नियम

  • यदि पति पत्नी को घरेलू खर्च के लिए या उपहार के रूप में नकद देता है, तो यह पति की आय मानी जाएगी और पत्नी पर कोई टैक्स देयता नहीं होगी।

  • यदि पत्नी इस राशि को बार-बार निवेश कर आय अर्जित करती है, तो इस आय पर टैक्स देना होगा। यह आय 'क्लबिंग ऑफ इनकम' के तहत पति की आय में जोड़ी जा सकती है।

आयकर अधिनियम की धारा 269SS और 269T के प्रावधान

  • धारा 269SS: ₹20,000 से अधिक नकद राशि देने पर बैंकिंग माध्यम (चेक, एनईएफटी, आरटीजीएस) का उपयोग अनिवार्य है।

  • धारा 269T: यदि ₹20,000 से अधिक की नकद राशि वापस करनी हो, तो इसे बैंकिंग चैनल के माध्यम से ही किया जाना चाहिए।

  • पति-पत्नी के बीच निकट संबंध होने के कारण इन धाराओं के उल्लंघन पर कोई जुर्माना नहीं है, लेकिन पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है।

नकद देने की सीमा

  • घरेलू खर्च के लिए कोई सीमा नहीं है।

  • निवेश के लिए दी गई राशि से उत्पन्न आय पर कर देना होगा।

  • यदि पत्नी इस राशि से कोई संपत्ति खरीदती है और उससे किराया अर्जित करती है, तो यह उसकी आय मानी जाएगी और कर देय होगा।

टैक्स नोटिस से बचाव के उपाय

  • ₹20,000 से अधिक नकद लेनदेन न करें।

  • बैंकिंग माध्यम का उपयोग करें।

  • पत्नी की निवेश राशि का सही विवरण आयकर रिटर्न में दर्ज करें।

  • पत्नी द्वारा खरीदी गई संपत्ति पर अर्जित आय पर कर चुकाएं।

आयकर विभाग से नोटिस क्यों आ सकता है?

  • यदि पति कर बचाने के लिए पत्नी को नकद राशि देता है और इससे अर्जित आय का खुलासा नहीं करता है, तो आयकर विभाग नोटिस जारी कर सकता है।

  • धारा 271D के तहत, यदि कोई व्यक्ति नकद में ₹20,000 से अधिक का लेनदेन करता है और वह पति-पत्नी के संबंध में नहीं है, तो इस पर जुर्माना लगाया जा सकता है।

किन लेनदेन पर छूट है?

  • पति-पत्नी, माता-पिता-बच्चे, भाई-बहन जैसे करीबी रिश्तों में नकद लेनदेन पर कोई दंड नहीं।

  • उपहार, घरेलू खर्च या आवश्यकताओं के लिए दी गई राशि पर ये प्रावधान लागू नहीं होते।

  • कृषि आय और उससे संबंधित लेनदेन पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ता।




 


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