Uttrakhand Travel Guide : अलकनंदा नदी के किनारे बसे उत्तराखंड के पीपलकोटी की यात्रा का बनाएं प्लान, पहाड़ी वादियों के साथ धर्म के करीब आएंगे, ऐसे पहुंचे पीपलकोटी?

Samachar Jagat | Thursday, 25 Mar 2021 05:57:03 PM
Uttrakhand Travel Guide: Make plans to visit Pipalkoti in Uttarakhand, situated on the banks of Alaknanda river, will come close to religion with the hillists, how did Pipalkot arrive?

लाइफस्टाइल डेस्क। उत्तराखंड को देवों की भूमि कहा जाता है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री चार धाम के अलावा कई धार्मिक और ऐतिहासिक धर्म स्थल हैं। दुनियाभर से पर्यटक उत्तराखंड घूमने आते हैं। हालांकि, कोरोना वायरस महामारी के चलते पर्यटन नियमों में बदलाव किया गया है। इसके लिए पर्यटकों की संख्या में कमी आई है। इसके बावजूद धार्मिक यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं में कमी नहीं देखी गई।

इस वर्ष भी चार धाम यात्रा की तैयारी जोरशोर से चल रही है। ऐसी संभावना है कि मई महीने में चारों धाम के कपाट खुलने के बाद चार धाम यात्रा की शुरआत होगी।

तो आइये आज जानते हैं उत्तराखंड के पीपलकोटी के बारे में...

उत्तराखंड के चमोली जिले में है पीपलकोटी
उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी स्थित है। चमोली से पीपलकोटी की दूरी 17 किलोमीटर है। समुद्रतल से इसकी ऊंचाई 1260 मीटर है। वहीं, पीपलकोटी अलकनंदा नदी के किनारे बसा हुआ है और गढ़वाल के पहाड़ी क्षेत्रों में है। यह जगह राष्ट्रीय राजमार्ग 7 को जोड़ता है। यहां से श्रद्धालु बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब जाते हैं।  

ऐसे पहुंचे पीपलकोटी?

अगर आप हवा के रास्ते पीपलकोटी पहुंचना चाहते हैं, तो देहरादून जा सकते हैं। पीपलकोटी से नजदीक का एयरपोर्ट देहरादून है। इसके अलावा, पिथौरागढ़ और पंतनगर एयरपोर्ट भी नजदीक है। आप ट्रेन से भी पीपलकोटी पहुंच सकते हैं। जोशीमठ निकटतम रेलवे स्टेशन है। अधिकतर हर राज्यों से बस सेवा भी उपलब्ध है।

धार्मिक स्थल

पीपलकोटी में बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब प्रमुख तीर्थ स्थल हैं। इसके अलावा, जोशीमठ में नरसिंह मंदिर है। इस मंदिर को नरसिंह बद्री मंदिर भी कहा जाता है। मंदिर में भगवान नरसिंह की प्रतिमा स्थापित है। इस पावन स्थान से 14 किलोमीटर दूरी पर तपोवन स्थित है। पर्यटक ध्यान करने के लिए तपोवन जा सकते हैं। तपोवन में गर्म कुंड भी अवस्थित है। वहीं, पीपलकोटी के नजदीक खूबसूरत तीर्थ स्थल भविष्य केदार है। यह मंदिर भगवान शिव और मां पार्वती को समर्पित है।



 
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