तीन हफ्ते के लिए देश भर में लॉकडाउन, प्रधानमंत्री का एलान

Samachar Jagat | Tuesday, 24 Mar 2020 09:36:31 PM
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देश में कोरोना वायरस तेजी से पांव पसार रहा है. भारत में संक्रमित लोगों की तादाद पांच सौ के पार पहुंच गई है और मरने वालों का आंकड़ा बढ़ कर दस तक पहुंच गया है. इस बीच देश में तीन हफ्ते के लिए लॉकडाउन का एलान कर दिया गया है. यानी लोगों को तीन हफ्ते घरों में नजरबंद रहना होगा. कोरोना वायरस से लड़ने के लिए इसे कारगर उपाय माना जा रहा है. लेकिन सवाल यह है कि इन तीन हफ्तों में न तो दिहाड़ी मजदूरों की फिक्र की गई और न ही ठेल-रिक्शा चलाने वालों या खोमचा लगाने व रोजाना मजदूरी करने वालों की. इन तीन हफ्तों में उनका क्या होगा, सरकार ने इस पर किसी तरह का बड़ा एलान नहीं किया. कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए मंगलवार की रात 12 बजे से पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन कर दिया गया है. इसका ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है.

राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 21 दिन तक घर से निकलना भूल जाएं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनता ने कर्फ्यू को सफल बनाया है. ऐसा नहीं है कि जो देश प्रभावित हैं वह प्रयास नहीं कर रहे हैं और न ऐसा कि वहां संसाधनों की कमी है. इन देशों को दो महीने के अध्ययन से यही निष्कर्ष निकला है कि एक मात्र ही रास्ता है घरों में बंद रहना, इसके अलावा कोई और रास्ता नहीं है. कोरोना को लेकर ऐसी लापरवाही भारत को बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी. प्रधानमंत्री ने कहा कि दो दिनों से देश के कई राज्यों में लॉकडाउन कर है.

दूसरे देशों को अनुभव को देखते हुए आज रात 12 बजे से पूरे देश में लॉकडाउन होने जा रहा है. एक एक जीवन बचाना, मेरी, भारत सरकार की, राज्य सरकार औऱ नगर निकायों की प्राथमिकता है. इसलिए मेरी प्रार्थन है कि 21 दिन तक यानी तीन हफ्ते तक जहां हैं वहीं रहें. स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना वायरस की साइकिल तोड़ना बहुत जरूरी है. अगर यह 21 दिन नहीं संभले तो कई परिवार हमेशा के लिए तबाह हो जाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह बात मैं प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं आपके परिवार के सदस्य के तौर पर कह रहा हूं. आज आपके दरवाजे पर लक्ष्मण रेखा खींच दी गई है. घर से बाहर पड़ने वाला एक कदम कोरोना जैसी बीमारी को घर लेकर आ सकता है.

नरेंद्र मोदी ने कहा कि कई बार कोरोना संक्रमित शख्स भी स्वस्थ रह सकता है. इस महामारी संक्रमित व्यक्ति हफ्ते-दस दिन में सैकड़ों लोगों को बीमार कर सकती है. डब्लूएचओ का आंकड़ा है कि पहले एक लाख तक लोगों तक पहुंचने में इसे 68 दिन लगे थे लेकिन दो लाख लोगों तक पहुंचने में सिर्फ ग्यारह दिन लगे और तीन लाख लोगों तक पहुंचने में सिर्फ चार दिन लगे. अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इसे रोकना बहुत मुश्किल होता है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चीन, अमेरिका, इटली, फ्रांस जैसे देश में यह संभल नहीं पाया. इन देशों की स्वास्थ्य सेवाएं भी बहुत बेहतर हैं. लेकिन इससे निपटने के लिए जरूरी यह है कि इन देशों के नागरिकों ने सरकारी निर्देशों का पालन किया और घर से बाहर हफ्तों कैद रहे. इसलिए कुछ भी हो जाए अब कुछ भी हो जाए घर से बाहर नहीं निकलना है. हमें इस महामारी को रोकना है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज उस स्टेज पर है जहां आज के ऐक्शन तय करेंगे कि हम इसे कितना रोक सकते है. यह समय संयम बरतने का है. प्रधानमंत्री मोदी ने अपील करते हुए कहा कि हमें अपना वचन निभाना है और उन लोगों के बारे में भी सोचना है जो इस महमारी से एक-एक जीवन बचाने के लिए अस्पताल में काम कर रहे हैं. डॉक्टर, नर्स, वार्डब्वाय के बारे में भी सोचें. उन लोगों के बारे में भी सोचें जो मोहल्लों और गलियों को सैनिटाइज कर रहे हैं. मीडिया और पुलिसकर्मियोंके बारे में भी जो दिन रात ड्यूटी कर रहे हैं. 

कोरोना से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें रोजमर्रा की जिंदगी में दिक्कत न हो इसलिए आवश्यक चीजों की सप्लाई जारी रखने के लिए सुनिश्चित की जा रही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन और विशेषज्ञों की सलाह ली जा रही है. कोरोना के मरीजों का इलाज करने के लिए पंद्रह हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इससे संसाधन बढ़ाए जाएंगे. इस समय सभी राज्यों की प्राथमिकता स्वास्थ्य सेवाएं ही होनी चाहिए. प्राइवेट लैब और अस्पताल भी साथ आ रहे हैं.. इस बीच एक बात और ध्यान रखना है कि किसी भी तरह की अफवाह और अंधविश्वास से बचें और बिना डॉक्टरों की सलाह के कोई दवा न लें.

मुझे विश्वास के आप लोग हर निर्देशों का पालन करेंगे. यह आपके जीवन को बचाने के लिए है. आप अपना ध्यान रखें और अपनों का ध्यान रखिए. आत्मविश्वास के साथ पूरी तरह संयम बरतते हुए हम सब इन बंधनों को स्वीकार करें. केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश जारी किया है कि वह लॉकडाउन और शटडाउन के नियमों को सख्ती से लागू करें. देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच सरकार की तरफ से यह निर्देश प्रधानमंत्री के उस ट्वीट के बाद जारी किया गया है जिसमे मोदी ने कहा था की लॉकडाउन को कई लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. प्रधानमंत्री ने सोमवार को कहा कि लोग देश में लॉकडाउन को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. मोदी ने एक ट्वीट के जरिए लोगों से अपील करते हुए कहा था कि लॉकडाउन को अभी भी कई लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं.

राज्य सरकारों से मेरा अनुरोध है कि वो नियमों और कानूनों का पालन करवाएं. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई को सफल बनाने के लिए लोगों से रविवार को जनता कर्फ्यू का ऐलान किया था. मोदी ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सामाजिक दूरी बनाने के लिए जनता कर्फ्यू का प्रस्ताव रखा था. यूं देश के 32 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में पूरी तरह से लॉकडाउन का एलान पहले ही कर दिया गया था. इस फैसले से 560 जिलों में पूरी तरह से बंदी लागू थी. कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए सभी ट्रेनें, मेट्रो और अंतरराज्यीय बस सेवाएं बंद कर दी गई हैं. इससे पहले भारतीय रेलवे ने कहा था कि देशभर में 31 मार्च तक यात्री ट्रेनों का परिचालन नहीं होगा. इस आदेश से सिर्फ मालगाड़ी को छूट दी गई है. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



 

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