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जयपुर। आमजन को संवेदनशील, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन देने के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस संबंध में एक बड़ा कदम उठा लिया है। सीएम भजनलाल ने अब इसी के तहत भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 19 के तहत राजस्थान प्रशासनिक सेवा के 2 सेवानिवृत्त अधिकारियों के विरूद्ध न्यायिक प्रकरणों में पक्षकारों के साथ कूट-रचना करने तथा नियम विरूद्ध कार्यवाही करने के आरोपों में अभियोजन स्वीकृति जारी की है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान गृह रक्षा एवं नागरिक सुरक्षा सेवा के 1 अधिकारी द्वारा पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में भ्रष्ट एवं अवैध तरीकों को अपनाने के विरूद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को अभियोजन स्वीकृति प्रदान की है। इसी प्रकार सेवारत अधिकारियों के विरूद्ध संचालित वृहत्त शास्ति के अनुशासनात्मक कार्यवाही के 2 प्रकरणों में वेतन वृद्धियां रोके जाने के दण्ड को अनुमोदित किया तथा एक सेवानिवृत्त अधिकारी की पेंशन रोकने का भी आदेश दिया है।
2 प्रकरणों में नियम 34 सीसीए के तहत पुनरावलोकन याचिका को खारिज किया
सीएम भजनलाल ने 2 प्रकरणों में नियम 34 सीसीए के तहत पुनरावलोकन याचिका को खारिज करते हुए पूर्व प्रदत्त दण्ड को यथावत रखा तथा 1 प्रकरण में राहत प्रदान करते हुए विभागीय जांच कार्यवाही को प्रस्ताव स्तर पर ही समाप्त किए जाने का अनुमोदन किया है।
भजनलाल सरकार लगातार कदम उठा रही है
आपको बात दें कि राजस्थान में आमजन को संवेदनशील, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन देने के लिए भजनलाल सरकार लगातार कदम उठा रही है। इस संबंध में अभी तक प्रदेश के कई अधिकारियों पर कार्रवाई भी हो चुकी है।
PC: aajtak
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