- SHARE
-
जयपुर। केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर मिली हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। गहलोत ने एक्स मे माध्यम से कहा कि पूर्व में पारित हो चुके महिला आरक्षण कानून को रोकने के लिए एनडीए सरकार द्वारा लाया गया विधेयक एक षड्यंत्र साबित हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित पूरी सरकार को यह पहले दिन से मालूम था कि यह बिल विपक्ष के सहयोग के बिना पास नहीं हो सकता, इसके बावजूद विपक्षी पार्टियों से बात कर उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे लगातार इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर रहे थे, परन्तु इतने महत्वपूर्ण विषय पर प्रधानमंत्री ने सभी विपक्षी पार्टियों को एक साथ बुलाकर बात करने की बजाय अलग-अलग बात कर उनमें फूट डालने का प्रयास किया।
एनडीए सरकार द्वारा बदनीयती से लाया गया यह बिल परिसीमन के लिए भी खतरनाक था
गहलोत ने कहा कि दक्षिण के राज्यों और पश्चिम बंगाल की आशंकाओं को दूर करने के लिए केंद्र सरकार को वहां के मुख्यमंत्रियों को बुलाकर बात करनी चाहिए थी, जिससे एक भरोसा पैदा होता। एनडीए सरकार द्वारा बदनीयती से लाया गया यह बिल परिसीमन के लिए भी खतरनाक था। जिस तरह असम एवं जम्मू-कश्मीर में विपक्षी पार्टियों को निशाना बनाकर विधानसभा के लिए परिसीमन किया गया, उसके बाद एनडीए सरकार द्वारा किए जाने वाले परिसीमन पर कोई भरोसा नहीं कर सकता। गहलोत ने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनावों के बीच सत्र बुलाकर और विपक्ष से संवादहीनता रखकर जानबूझकर ऐसी परिस्थितियां बनाईं जिससे यह बिल पास न हो सके एवं इसका ठीकरा विपक्ष पर फोड़ा जा सके।
PC: rajasthan.ndtv
अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें