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जयपुर। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी लोक सभा में विकसित भारत -रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण विधेयक 2025 पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इससे महात्मा गांधी नाम हटाने को अनुचित बताकर बिल का विरोध किया है।
आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस संबंध में सोशल मीडिया के माध्यम जानकारी दी है। उन्होंने बुधवार को एक्स के माध्यम से कहा कि आज लोक सभा में विकसित भारत -रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण विधेयक 2025 (VB-G RAM G Bill 2025) पर हुई चर्चा मे भाग लेते हुए मैंने इस बात की कड़ी आपत्ति की है कि इसमे महात्मा गांधी जी का नाम क्यों हटाया गया है ,महात्मा गांधी का नाम हटाना पूर्ण रूप से अनुचित है |
बेनीवाल ने कहा कि मैंने सदन मे कहा कि देश के कई मजदूर संघठनों ने इस बिल को लेकर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है , क्योंकि दशकों के निरंतर संघर्षों के माध्यम से मज़दूरों द्वारा हासिल किए गए लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों को पीछे धकेलने का प्रयास यह विधेयक लाकर सरकार ने किया है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत मिले वैधानिक अधिकार को हटाकर, एक केंद्र-नियंत्रित, बजट-सीमित और अत्यधिक निगरानी वाली योजना लाकर, केंद्र सरकार एक ऐतिहासिक अधिकार-आधारित क़ानून को कमजोर करने का काम भारत सरकार कर रही है |
ये विधेयक 73वें संविधान संशोधन को कमजोर करता है
बेनीवाल ने कहा कि यह विधेयक संविधान की भावना का उल्लंघन करता है, 73वें संविधान संशोधन को कमजोर करता है और सामाजिक व आर्थिक न्याय की मूल अवधारणा पर प्रहार करता है, क्योंकि यह शक्ति को मज़दूरों, ग्राम सभाओं और राज्यों से छीनकर केंद्र सरकार के हाथों में केंद्रित करता है
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