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इंटरनेट डेस्क। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को आज उस समय बड़ा झटका लगा, जब उसका पीएसएलवी रॉकेट रास्ते से भटक कर उपग्रहों को निर्धारित कक्षाओं में स्थापित करने में विफल रहा। खबरों के अनुसार, इसरो का ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान-सी62 (पीएसएलवी-सी62) आज देश के नवीनतम जासूसी सैटेलाइट 'अन्वेषा' (ईओएस-एन1) और उसके साथ भेजे गए अन्य उपग्रहों को उनकी तय कक्षाओं में स्थापित करने में असफल रहा है।
उपग्रह अन्वेषा को रक्षा अनुसंधान विकास संगठन की ओर से निर्मित किया गया था। इसरो अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन ने इस संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि रॉकेट को तीसरे चरण के अंत में गड़बड़ी का सामना करना पड़ा। मिशन कंट्रोल सेंटर से उन्होंने जानकारी दी कि रॉकेट के उड़ान पथ में विचलन हुआ। उन्होंने बताया कि इसरो की ओर से इसके डेटा का विश्लेषण करने के बाद ही सही जानकारी प्रदान की जाएगी।
खबरों के मुताबिक, पीएसएलवी रॉकेट को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) के पहले लॉन्च पैड से सुबह लगभग 10.18 बजे लॉन्च किया गया। पीएसएलवी रॉकेट के इस वेरिएंट का उपयोग पहली बार 24 जनवरी, 2019 को माइक्रोसैट आर उपग्रह को कक्षा में स्थापित करने के लिए हुआ था। आज इसने पांचवीं बार उड़ान भरी।
चार मिनट बाद रॉकेट इंजन हो गया बंद
बताया जा रहा है कि ये रॉकेट ब्लास्ट-ऑफ के तुरंत बाद धीरे-धीरे आसमान की ओर ऊपर उठा, उसकी निचले हिस्से से मोटी नारंगी लौ निकल रही थी। रॉकेट ने जब गति पकड़ी तो वह ऊपर की तरफ धुआं छोड़ता जा रहा था। इस लिफ्ट-ऑफ के लगभग चार मिनट बाद रॉकेट का तीसरा स्टेज चालू हुआ और बाद में इंजन बंद हो गया।
PC: aajtak
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