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जयपुर। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विधानसभा में हंगामे को लेकर बड़ी बात कही है। सोलहवीं राजस्थान विधानसभा का पंचम सत्र शुरू होने से पहले उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता जूली ने इस संबंध में एक्स के माध्यम से कहा कि जो लोग नौटंकी कर रहे हैं सब लोग जानते है, आप यह राजस्थान की जनता से सर्वे करवा कर पूछ लीजिए राजस्थान की जनता यह चाहती है कि विपक्ष सदन में हंगामा करे, उनकी आवाज उठाए और उनके सवालों को पूरी मजबूती से रखे तो हम यह करेंगे या राजस्थान की जनता यह चाहती है की हम भाजपा के जयकारे लगाएं? लेकिन जब हम राजस्थान की जनता की बात करते हैं, तो सरकार को बुरा लगने लगता है।
कांग्रेस नेता जूली ने इस संबंध में आगे कहा कि सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह जनता के सवालों का जवाब दे, लेकिन यहाँ जवाब देने के बजाय सदन से भगाने की कोशिश करते है। मैं स्वयं इसका प्रत्यक्ष अनुभव कर चुका हूं। पिछली विधानसभा में जितनी बार भी मुद्दे बने, उनमें से अधिकांश इश्यू सत्ता पक्ष द्वारा ही खड़े किए गए। सदन को चलाने के बजाय विपक्ष को उकसाना, विधानसभा को बाधित करना, किसी भी प्रकार की बैठक न करना यह सब सरकार के लोगों द्वारा किया जाता है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तंज करते हुए कहा कि विधानसभा में इससे भी बड़े-बड़े मुद्दे हुए हैं, जिन्हें 15 मिनट में पक्ष और विपक्ष बैठकर बातचीत से सुलझा लिया करते थे। दोनों पक्ष मिलकर आगे का रास्ता तय करते थे। लेकिन आज हालात यह हैं कि बात ही मत करो, सवाल ही मत पूछो, नेता प्रतिपक्ष खड़ा हो तो उसे बैठा दो, पूछने तक मत दो।
योजनाबद्ध तरीके से तय किया जाता है कि जूली को किस प्रकार कमजोर किया जाए
जूली ने ये बोल दिया कि यह पहली बार है जब एक दलित नेता प्रतिपक्ष बना है और सच्चाई यह है कि भाजपा को यह हजम नहीं हो रहा। पूरी भाजपा को एक दलित नेता प्रतिपक्ष स्वीकार नहीं हो पा रहा, यही उनकी मानसिकता और स्थिति है। इसी कारण योजनाबद्ध तरीके से यह तय किया जाता है कि टीकाराम जूली को किस प्रकार कमजोर किया जाए। मैं कहना चाहता हूँ आप चाहे जितने हमले करें, मेरे पीछे लगे रहें, मैं डरने वाला नहीं हूँ। मुझे इससे कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है।
संविधान के तहत राजस्थान की जनता की आवाज को सदन में उठाऊंगा
जूली ने कहा कि मैंने संविधान की शपथ ली है कि विधानसभा की नियम-परंपराओं और संविधान के तहत राजस्थान की जनता की आवाज को सदन में उठाऊंगा। सरकार से सवाल पूछूंगा और जवाब मांगूंगा। अगर सरकार जवाब देगी तो बहुत अच्छा और अगर जवाब नहीं देगी तो लोकतांत्रिक तरीके से दो-दो हाथ करेंगे l
PC: rajasthan.ndtv
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