आज सभी घरों में मेहमानों के बैठने के लिए अलग से ड्राइंग रूम बनाया जाता है। इस रूम में ही बैठकर हम मेहमानों के साथ या आपस में वार्ता करते हैं और जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं। ऐसे में इस कमरे का वास्तु सही होना बहुत आवश्यक है। इस कमरे को खूबसूरत बनाने के साथ ही वास्तुदोष से मुक्त करना भी बहुत जरूरी है। ड्राइंग रूम को कैसे वास्तुदोष से मुक्त रखा जाए इसके लिए कुछ वास्तुटिप्स अपनाने की आवश्यकता होती है। ये वास्तुटिप इस प्रकार हैं....
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ड्राइंग रूम को पूरे मकान के उत्तर-पूर्व कोण में बनाया जाना चाहिए। वास्तुशास्त्र के अनुसार इस दिशा में ड्राइंग रूम बनाना शुभ होता है।
वास्तुशास्त्र के अनुसार ड्राइंग रूम में सोफे और कुर्सियों को जमाने की व्यवस्था इस प्रकार करनी चाहिए कि मकान का मालिक जब बैठे तो उसका मुख पूर्व या उत्तर की ओर हो और अन्य लोग उसकी ओर मुख करके बैठें। इससे ईशान कोण और उत्तर पूर्व कोण से आने वाली ऊर्जा तरंगों का अधिकतम लाभ मिलेगा, विशेषकर महत्वपूर्ण नीति-निर्णयों के मामले में।
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अगर लंबे सोफे को पूर्व की ओर मुख करके रखा गया है, तो मालिक इसके दक्षिण-पश्चिम कोण में बैठना चाहिए। अगर दोनों छोटे सोफों को पूर्व की ओर मुख करके रखा गया है तो मालिक को दक्षिण-पश्चिम कोने वाले सोफे पर बैठना चाहिए।
वास्तुशास्त्र के अनुसार ड्राइंग रूम में प्रवेश के दरवाजे आमतौर पर कोनों में ही होने चाहिए।
ड्राइंग रूम के सभी हिस्सों और सभी दीवारों की सजावट में परिवार के सभी सदस्यों के व्यक्तित्व और अभिरूचि का प्रतिनिधित्व होना चाहिए। सजावट की सभी वस्तुओं के बीच एक सौंदर्यात्मक अन्विति होनी चाहिए।
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